सन्निहित सरोवर पर शर्तों के साथ पिंडदान की मंजूरी, पंडित मास्क पहन करेंगे मंत्रोच्चारण

  • सुबह 7 से सायं 5 बजे तक करा सकेंगे कर्मकांड, हवन व पूजा-पाठ की इजाजत नहीं

कुरुक्षेत्र. कुरुक्षेत्र की पहचान उसके तीर्थ व ऐतिहासिक स्थल हैं। प्राचीन व ऐतिहासिक नगरी कुरुक्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर ही टिकी है। लेकिन लॉकडाउन के चलते सबसे पहले शहर में स्थिति मंदिरों व तीर्थस्थलों को बंद किया गया। सरोवरों में स्नान पर भी पाबंदी लगाई। कभी पुरोहितों की नगरी के रुप में प्रसिद्ध कुरुक्षेत्र में रोजाना हजारों श्रद्धालु अपने पूर्वजों के निमित्त कर्मकांड, तर्पण कराने व खुद मोक्ष कामना को स्नान दान करने को आते हैं। लेकिन लॉकडाउन होने के कारण कर्मकांड व तर्पण आदि पर भी पाबंदी थी। ऐसे में जहां अपने परिजनों के निधन के बाद उनके निमित्त कर्मकांड व तर्पण नहीं करा पा रहे थे। वहीं तीर्थ पुरोहितों के समक्ष भी रोजी रोटी का संकट गहरा गया। लेकिन अब तीर्थों पर तर्पण व कर्मकांड करने की मंजूरी प्रशासन ने जारी कर दी।
लॉकडाउन के नियमों के तहत कुछ शर्तों के साथ प्रशासन ने यह अनुमति दी है। जिससे तीर्थ पुरोहितों ने भी राहत की सांस ली। लोग भी अपने पूर्वजों के निमित्त कर्मकांड करा सकेंगे। बता दें कि दैनिक भास्कर ने अपने शनिवार के अंक में पहले ही इसका खुलासा किया था कि हरिद्वार की तर्ज पर कुरुक्षेत्र में सन्निहित पर तीर्थ पुरोहितों को कर्मकांड की अनुमति मिलेगी। जिलाधीश धीरेन्द्र खड़गटा ने कहा कि प्रशासन ने तीर्थ पुरोहितों के लिए सन्निहित सरोवर पर कुछ शर्तों के साथ पिंडदान करने की इजाजत दी है। बता दें कि इसके लिए श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोंद्वार सभा कई दिनों से मांग कर रही थी। विधायक सुभाष सुधा ने इसके लिए सीएम से बातचीत की। सरकार की तरफ से निर्देश मिलने पर प्रशासन ने अनुमति जारी की। मौके पर पार्षद नितिन भारद्वाज, श्याम सुंदर तिवारी, डाॅ. सत्यदेव, प्रधान पवन शर्मा, नीरज शर्मा, मुकेश शर्मा, राजीव शर्मा, राजेश्वर कौशिक, अमन शर्मा, सहल मिश्रा, आशुतोष मिश्रा, प्रवीण गौतम, अजय शर्मा, काका जोशी, भाजपा के महामंत्री रविन्द्र सांगवान व भाजपा युवा नेता साहिल सुधा उपस्थित थे।
बोले विधायक- पांच से ज्यादा ना हों लोग | विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि तीर्थ पुरोहितों के हित में फैसला लेते हुए सन्निहित सरोवर पर पिंडदान और कर्मकांड करने की इजाजत दी है, लेकिन पिंडदान करते समय सोशल डिस्टेंस रखें। एक जगह पर 5 से ज्यादा व्यक्ति एकत्रित नहीं होंगे। वे शनिवार को सन्निहित सरोवर पर श्री ब्राह्मणों तीर्थोद्घार सभा के मुख्यालय में सदस्यों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्घार सभा के मुख्य सलाहकार जय नारायण शर्मा, प्रधान पवन शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान एवं पार्षद नितिन भारद्वाज लाली, वरिष्ठ उपप्रधान श्याम तिवारी व संरक्षक डाॅ. सचदेवा ने विधायक सुभाष सुधा व प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। विधायक ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से कुरुक्षेत्र को बचाकर रखने में सभी लोगों का बहुत बड़ा योगदान है। इस धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र को कोरोना फ्री क्षेत्र बनाने के लिए भविष्य में भी सभी को सजग रहने की जरूरत है। सभी को मास्क लगाकर रखना होगा।
हरिद्वार की तर्ज पर इजाजत, समय सीमा तय की
ऐसा पहली बार हुआ है कि कर्मकांड आदि के लिए समय सीमा तय की है। यह अनुमति सुबह 7 बजे से सायं 5 बजे तक रहेगी, लेकिन सन्निहित सरोवर पर पूजा-पाठ और हवन यज्ञ करने की इजाजत नहीं दी गई है। धीरेन्द्र खड़गटा ने कहा कि कोरोना वायरस जैसी महामारी के कारण मार्च से लॉकडाउन के आदेश हैं । इस लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार के आदेशानुसार बंद रखा गया। लेकिन लॉकडाउन के तीसरे चरण में राज्य सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए कुछ रियायतें दी हैं। इस दौरान तीर्थ पुरोहितों ने भी प्रशासन से अपील की कि कुछ शर्तों के साथ सन्निहित सरोवर पर पिंड दान करने की इजाजत दी जाए। क्योंकि हरिद्वार में भी पिंडदान करने की इजाजत दी जा चुकी है। इन तमाम पहलुओं को देखते हुए प्रशासन ने तीर्थ पुरोहितों को कुछ शर्तों के साथ पिंड दान करने की इजाजत दी गई है।