श्रीकृष्ण संग्रहालय के आउटसोर्सिंग कर्मियों पर भारी पड़ा लॉकडाउन, 35 कर्मचारियों को किया बाहर

कुरुक्षेत्र. प्रधानमंत्री और सीएम भले ही प्राइवेट कंपनियों से लॉकडाउन के दौरान किसी भी कर्मचारी को न हटाने और पूरा वेतन देने की अपील कर रहे हैं, लेकिन खुद सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्सिंग स्टाफ को बेरोजगार करके घर बिठाया जा रहा है। श्रीकृष्ण संग्रहालय में आउटसोर्सिंग के तहत करीब 35 कर्मचारी कार्यरत थे। आउटसोर्सिंग का टेंडर 8 अप्रैल को खत्म हो गया था, लेकिन इसके बाद न तो पुराना टेंडर रिन्यू हो पाया और न ही नया टेंडर हुआ। ऐसे में संग्रहालय में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को घर बैठने के आदेश जारी कर दिए गए। संग्रहालय में आउटसोर्सिंग पर पिछले कई सालों से लगे कर्मचारियों ने कहा कि लॉकडाउन की स्थिति में उनका रोजगार छीना जा रहा है। एक ओर तो सरकार प्राइवेट कंपनियों से किसी कर्मचारी को न निकालने की अपील कर रही है। वहीं दूसरी ओर सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों के साथ ही अन्याय किया जा रहा है।

टेंडर खत्म, अधिकारियों को भेजी फाइल

केडीबी के सीईओ गगनदीप सिंह ने कहा कि 8 अप्रैल को आउटसोर्सिंग कर्मियों का टेंडर खत्म हो चुका है। ऐसे में इसके बाद उनसे बिना आला अधिकारियों की अप्रूवल के काम नहीं करवाया जा सकता था। जिसके चलते कार्यालय खुलते ही कर्मचारियों को स्थिति के बारे में बताया गया। उन्होंने कहा कि आला अधिकारियों को फाइल बनाकर भेजी हुई है। निर्देश आने के बाद ही मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।