विभाग ने प्राइवेट स्कूल से मांगा डिक्लेरेशन लेटर-बताएं फीस बढ़ाई या नहीं

  • विभाग के पास आने वाली फीस संबंधित शिकायतों की सुनवाई मंडल कमिश्नर करेंगी, अभी अधिकारी ही देख रहे थे

अम्बाला. लॉकडाउन में प्राइवेट स्कूल पेरेंट्स से ट्यूशन फीस के अलावा अन्य चार्जिज भी वसूल रहे हैं। चार्जिज न देने पर प्राइवेट स्कूलों की ओर से पेरेंट्स काे परेशान किया जा रहा है। ऐसी शिकायत सरकार के पास कई बार जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के संज्ञान में कई बार ऐसे मामले आने पर शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों काे पत्र जारी कर भी चेताया था। मगर अब सरकार पेरेंट्स से ट्यूशन फीस के अलावा अन्य चार्जिज वसूलने पर सख्त हाे गई है। डायरेक्टर सेकेंडरी एजुकेशन निदेशक ने प्राइवेट स्कूलों काे डिक्लेरेशन पत्र जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट में प्राइवेट स्कूलों काे बताना हाेगा कि उन्हाेंने फीस में बढ़ाेतरी नहीं की है और न ही किसी विद्यार्थी से ट्यूशन फीस के अलावा काेई अन्य शुल्क लिया है। मगर हकीकत यह है कि स्कूल पेरेंट्स से अन्य चार्जिज भी वसूल रहे हैं। अब स्कूलों काे सरकार काे लिखित में देना हाेगा। अम्बाला में 1 से 8वीं तक 126 और 9वीं से 12वीं तक 155 प्राइवेट स्कूल हैं।
दरअसल, मार्च माह में लॉकडाउन शुरू हुआ था। अप्रैल माह में नया सेशन शुरू हाेना था। जैसे ही अप्रैल माह में नया सेशन शुरू हुअा ताे सभी प्राइवेट स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई करवानी शुरू कर दी। साथ ही पेरेंट्स के मोबाइल पर नए सेशन की एनुअल फीस भरने के लिए मैसेज भेजने शुरू कर दिए। जब विभाग के संज्ञान में मामला आया था ताे विभाग ने सिर्फ एक महीने की ट्यूशन फीस जमा करवाने के लिए कहा था। उसके बाद कई स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा अन्य चार्जिज भी मांग रहे हैं। ऐसी विभाग के पास मोबाइल पर ऐर माैखिक ताैर पर कई शिकायतें आ चुकी हैं, लेकिन काेई लिखित में शिकायत नहीं करता। जिससे विभाग के सामने भी कार्रवाई करने काे लेकर समस्या खड़ी हाे जाती है।

स्कूल मासिक फीस में कोई हिडन चार्ज नहीं जोड़ेगा

कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते हरियाणा सरकार द्वारा सभी मंडलायुक्तों को सभी मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों द्वारा मासिक ट्यूशन फीस के अलावा अन्य फंड लिए जाने से संबंधित शिकायतों का निवारण करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। अम्बाला मंडलायुक्त के पास अम्बाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र अाैर यमुनानगर जिला अाता है। मंडलायुक्त फी एंड फंड रेगुलेटरी कमेटी के चेयरमैन हैं। कमेटी में जिला शिक्षा अधिकारी या जिला माैलिक शिक्षा अधिकारी सदस्य हैं। अगर फीस संबंधित या ट्यूशन फीस के अलावा ज्यादा चार्जिज लेने की शिकायत शिक्षा विभाग अधिकारियों के पास अाती है ताे उसकी जांच चेयरमैन मंडलायुक्त की देखरेख में हाेगी। वर्तमान परिस्थितियों में निजी स्कूल विद्यार्थियों से मासिक आधार पर केवल ट्यूशन फीस ही लें, अन्य सभी प्रकार के फंड जैसे बिल्डिंग फंड, रखरखाव फंड, एडमिशन फीस, कंप्यूटर फीस आदि स्थगित कर दिए जाएं। सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि न तो मासिक आधार पर ली जाने वाली ट्यूशन फीस में वृद्धि की जाए और न ही लॉकडाउन की अवधि का यातायात शुल्क वसूला जाए। स्कूल यूनिफार्म, पाठ्य-पुस्तकों, कार्य-पुस्तकों, अभ्यास-पुस्तकों, प्रैक्टिकल फाइल में भी परिवर्तन न किया जाए। यही नहीं, कोई भी निजी स्कूल मासिक फीस में कोई हिडन-चार्ज नहीं जोड़ेगा।

निदेशालय ने प्राइवेट स्कूलों से डिक्लेरेशन पत्र मांगा है। जिसमें बताना हाेगा कि उन्हाेंने फीस में बढ़ाेतरी नहीं की है और न ही किसी विद्यार्थी से ट्यूशन फीस के अलावा काेई अन्य शुल्क लिया है। सभी बीईओ काे स्कूलों से डिक्लेरेशन पत्र लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही फीस संबंधित शिकायतों की जांच मंडलायुक्त की देखरेख में हाेगी।
उमा शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, अम्बाला।