लॉकडाउन में 3134 प्रवासी मजदूरों को मिली उनके खातों में राशि

बहादुरगढ़. लॉकडाउन के दौरान काम धंधे बंद हो गए थे। किसी प्रवासी मजदूर को आर्थिक संकट पैदा न हो इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से प्रवासी मजदूरों को हर सप्ताह 1000 रुपए दिए जाने की घोषणा की गई थी। जिले में इस प्रकार के 3134 प्रवासी मजदूरों को उनके खातों में पैसे दिए गए हैं। जबकि इसके लिए 5124 प्रवासी श्रमिकों के फार्म वेरिफाई हुए। इस दौरान प्रवासी मजदूरों के पास भी काम का संकट हो गया था। जो लोग स्थानीय रूप से रह रहे थे वे तो जैसे तैसे राशन आदि की व्यवस्था कर गए। लेकिन सबसे ज्यादा खराब स्थिति प्रवासियों की थी, जो रोज कमाते थे और रोज ही उसे खा लेते थे। प्रवासी मजदूरों में आर्थिक संकट के कारण कोई भय की स्थिति न बने। कोई व्यक्ति भूखा न सोए। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से न केवल प्रवासियों के खाते में पैसे डालने की योजना शुरू की गई बल्कि उनको अलग अलग शेल्टर होम में रखकर खाना भी दिया गया। सरकार की ओर से हर सप्ताह प्रवासियों को 1000 दिए जाने के लिए आधार कार्ड से बैंक खाते के साथ पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। लेकिन इस मामले में काफी त्रुटि अबे रही। अलग अलग एजेंसी की ओर से जमीन के फार्मों की जांच की गई तब जिले के 5120 फॉर मी क्लियर हो सके। विभागीय जानकारों का कहना है कि इनमें से 3147 फार्मों की अकाउंट्स की क्लीयरेंस हुई जिसके बाद 3134 प्रवासियों के खाते में पैसा डाल दिया गया।

गांव जाने की आ रही ज्यादा कॉल्स

प्रवासियों की ओर से अभी भी गांव जाने की इच्छा बनी हुई। जिला कंट्रोल रूम के जानकारों की माने तो जिले में जहां पहले खाने पीने की समस्या को लेकर 200 के करीब फोन कॉल आ रही थी। वहीं अब इनकी संख्या घटकर 30 के करीब रह गई है। जिले में 78 हजार से अधिक प्रवासियों ने गांव जाने के लिए पंजीकरण कराया है। प्रवासी अब फोन कर अपनी गांव जाने की बारी के बारे में जानने की कोशिश करते हैं।