लैब टेक्नीशियन व चिकित्सक 6 घंटे तक भूखे-प्यासे रहकर ले रहे कोरोना के सैंपल

  • 38 डिग्री में पीपीई किट पहन कर रहे काम, मोबाइल पर अपनों से भी नहीं कर पाते बात

कुरुक्षेत्र. कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए फील्ड सैंपल टीम व कोरोना वार्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एक कॉल पर पीपीई किट पहनकर योद्धा सैंपल लेने पहुंचते हैं। करीब 38 डिग्री तापमान में खूब पसीना बहाकर टीमें कोरोना की चेन तोड़ने में जुटी है। यह काम कम जोखिम भरा नहीं है। पीपीई किट में अंदर पसीने से शरीर बेहाल तो बाहर संक्रमण का खतरा रहता है। पीपीई कीट में हवा क्रॉस नहीं होती। फिर भी जनता को महामारी से बचाने के लिए सेवारत हैं। वहीं आगे सप्ताहभर में तापमान में 42 डिग्री तक जाने की संभावना है। ऐसे में पीपीई कीट में काम करना कर्मचारियों के लिए और भी चुनौती पूर्ण हो जाएगा। वहीं कोरोना वार्ड में काम कर रहे कोरोना याेद्धाअांे का कहना है कि वह किसी भी सूरत में हार नहीं मानेंगे। कोरोना को मात देकर ही रहेंगे चाहें उन्हें इस महामारी के खिलाफ कितनी ही लंबी लड़ाई क्यों न लड़नी पड़े। कोरोना वार्ड में काम कर रहे कोरोना याेद्धाअाें में से किसी ने 50 दिन तो कोई 2 माह से छुट्टी नहीं ले रहा।

छह घंटे तक रहते है भूखे-प्यासे

कोरोना वार्ड में ड्यूटी कर रहे चिकित्सकों व टेक्नीशियनों ने कहा कि ड्यूटी टाइम में उन्हें पीपीई कीट डालकर रखनी पड़ती है। जोकि संक्रमण से बचाने के लिए जरूरी भी है। लेकिन इस दौरान वह कुछ खा पी भी नहीं सकते। वहीं मोबाइल फोन का भी यूज नहीं कर पाते। जिससे उनका देश दुनिया से संपर्क टूट जाता है। परिजनों की कॉल भी रिसीव नहीं कर सकते।

बच्चों में सताता है संक्रमण का खतरा

चीफ टेक्नीकल ऑफिसर वीर सिंह व अन्य स्टाफ सदस्यों ने कहा कि कोरोना महामारी में हर किसी को संक्रमण का खतरा सताता है। उन्होंने कहा कि रोजाना मरीजों की काउंसलिंग करके उनका टेस्ट लिया जाता है। ड्यूटी के बाद जब वह घर जाते है तो बच्चों में भी संक्रमण का खतरा बना रहता है।

कोरोना वार्ड में ये वॉरियर्स निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका

कोरोना महामारी के असल में हीरो कोरोना वार्ड में काम करने वाले चिकित्सक व टेक्नीशियन हैं। जो अपनी जान की प्रवाह किए बिना रोजाना मरीजों के सैंपल लेते है। कोरोना वार्ड में डॉ. विक्रम, डॉ. विनोद, डॉ. मनोज, सोनल सिंह, डॉ. गौरव चावला, डॉ. अरविंद चहल, चीफ टेक्नीकल ऑफिसर वीर सैनी, पैथेलोजिस्ट मंदीप सिंह, नरेश व चंद्र सैनी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।