मकान मालिक व दुकानदार ऑनलाइन जमा करवा सकेंगे प्रॉपर्टी टैक्स

  • कुरुक्षेत्र सिटी में हर साल तीन करोड़ का जमा हाेता है प्रॉपर्टी टैक्स, पिछले साल का 1 तो 2018 का 2 करोड़ पड़ा बाकी

कुरुक्षेत्र. लॉकडाउन में काम धंधे ठप हो गए। लोग घरों में कैद हैं। कइयों के सामने रोजी रोटी का संकट गहराया हुआ है। खुद सरकार भी पैसे की कमी झेल रही है। ऐसे में कुरुक्षेत्र नगर परिषद के सामने भी वित्तीय संकट गहराया हुआ है। नप का सालाना बजट करीब 35 करोड़ है। जितनी कमाई है, उससे कहीं ज्यादा खर्चे हैं। स्टांप ड्यूटी व प्रॉपर्टी टैक्स से ही नगर परिषद को ज्यादा कमाई होती है, लेकिन टैक्स एकत्रित करना भी नप के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। जहां पहले ही शहरवासी प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने में सुस्त हैं। वहीं लॉकडाउन के चलते इस साल अभी तक टैक्स नाममात्र का जमा हो पाया है। कारण लोग भी लॉकडाउन में घरों से बाहर नहीं निकल सकते। इसे देखते हुए नप ने अब लोगों को आॅनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने की सुविधा दी है। नप के कार्यकारी अधिकारी बीएन भारती ने कहा कि कोरोना वायरस की महामारी को देखते हुए प्रॉपर्टी टैक्स को आॅनलाइन जमा करवाने की सुविधा दी है।
सेल्फ असेस्मेंट कर भर सकते हैं टैक्स| थानेसर सिटी में रहने वाले मकान मालिक व दुकानदार अपना सेल्फ असेस्मेंट फार्म भरकर स्वयं अपने मकान, दुकान के क्षेत्र के अनुसार सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अंतर्गत टैक्स जमा करवा सकते हैं। सरकार द्वारा जारी रेट के अनुसार अपनी रजिस्ट्री से मिलान करके टैक्स जमा कराने की सुविधा सरकार ने दी है। लोग सरकार द्वारा दी जा रही छूट का लाभ भी उठा सकते हैं। अगर किसी भी मकान मालिक या दुकानदार को कोई परेशानी आती है तो वह नगर परिषद थानेसर कार्यालय या सम्बन्धित शाखा इंचार्ज से संपर्क कर सकता है।
एरिया की त्रुटि करा सकेंगे ठीक |ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स भरने की सुविधा नप ने दी है। इसके साथ-साथ नगर परिषद थानेसर के रिकार्ड में जिस मकान या दुकान का क्षेत्र कम या अधिक दर्ज किया गया है उसे भी पूर्ण दस्तावेज देकर ठीक करवा सकते हैं। ईओ भारती के मुताबिक यह कार्य मैन्युअल नप आफिस आकर भी करा सकते हैं ।
ये हैं प्रॉपर्टी टैक्स के चार्जिज | नप एरिया में 300 गज तक के मकान, प्लाट के लिए 50 पैसे प्रति गज शुल्क है। वहीं 300 से 500 गज तक दो रुपए प्रति गज है। वहीं 500 से एक हजार गज तक तीन रुपए, एक हजार से 2 एकड़ तक साढ़े तीन रुपए प्रति गज और दो एकड़ से अधिक पर 5 साल रुपए प्रति गज के हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स तय है ।
वेस्ट उठाने पर टिप्पर का देना होगा घरों को शुल्क | नप ईओ बीएन भारती के मुताबिक एनजीटी के आदेशों के तहत डोर-टू डोर कूड़ा उठान को टिप्पर लगाए गए हैं। नई गाइडलाइन के तहत गीला व सूखा कूडा अलग अलग एकत्रित किया जा रहा है। इसके लिए सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कुछ शुल्क भी निर्धारित किए गए हैं। हर घर को कूड़ा उठाने के बदले शुल्क देना होगा। नगर परिषद थानेसर द्वारा अधिकृत कर्मचारी से रसीद प्राप्त कर सकते है। बिना रसीद के कोई भी पैसा न दे। सभी शहरवासी अपने घरों का गीला और सुखा कचरा अलग-अलग डालना सुनिश्चित करें।
टिप्परों के पार्टीशन को मांगे आवेदन | नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीएन भारती ने कहा कि डोर-टू डोर गीला व सुखा कूड़ा उठान करने के लिए नगर परिषद द्वारा टिप्परों का पार्टीशन कराया जाएगा। ताकि एक ही टिप्पर में गीला व सुखा कूड़ा अलग-अलग डाला जा सके। स्पेसिफिकेशन के लिए फर्मों से 27 मई सायं तक नप ने आवेदन मांगे हैं ।

नप पर वित्तीय संकट

अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स भरने में सुस्त शहरवासी
नगर परिषद का सालाना बजट करीब 35 करोड़ रुपए हैै। जितनी इनकम है, उतना ही खर्च भी है। करीब ढाई माह पहले हुई मीटिंग में इस साल का बजट पास किया गया। शहर में घर व प्लाट आदि मिलाकर करीब 60 हजार इकाइयां हैं। इनमें से करीब 16 हजार कमर्शियल इकाइयां हैं। हालांकि कमर्शियल इकाइयों से तो किसी तरह नप प्रॉपर्टी टैक्स वसूल रही हैं लेकिन शहर में करीब 40 प्रतिशत मकान मालिक, दुकानदारों व प्लाटधारकों पर पिछला प्रॉपर्टी टैक्स भी बकाया है। पिछले साल 2 करोड़ रुपए ही टैक्स के रुप में नप को मिला। 2019 का करीब एक करोड़ बाकी है। वहीं इससे पिछले साल का भी करीब दो करोड़ रुपए बाकी है। अकाउंट आफिसर मनोज चहल के मुताबिक प्रॉपर्टी टैक्स जमा न कराने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। हालांकि नप की तरफ से लोगों को समय-समय पर सरकार द्वारा दी जानी वाली छूट का फायदा भी दिया जाता है। लोगों को चाहिए कि वे समय पर अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराएं ।