पुलिस ने श्रमिकों को पैसे तो वापस दिलाए लेकिन ठगने के आरोपी को जाने दिया

अम्बाला. प्रवासी श्रमिकों को बरेली भिजवाने का झांसा देकर उनसे 13 हजार ठगने वाला व्यक्ति कार के नंबर से पकड़ा गया। इस कार के नंबर का एक श्रमिक ने नोट कर लिया था। मुलाना पुलिस जब आरोपी को थाने में लेकर आई तो साहा के कई और लोग भी पहुंच गए जिन्होंने बताया कि यह उन्हें भी ठग चुका है। मगर पुलिस ने आरोपी पर मामला दर्ज नहीं किया। मुलाना पुलिस का तर्क है कि शिकायत देने वाले व उनके साथ आए लोगों की संतुष्टि हो गई थी। एसपी अभिषेक जोरवाल का कहना था कि मामला उनके नॉलेज में नहीं था। वे एसएचओ से बात करेंगे।
प्रवासी श्रमिकों से ठगी का यह मामला शुक्रवार शाम को सामने आया था। जब अम्बाला-जगाधरी हाईवे से पैदल ही जा रहे श्रमिकों के पास कालपी ओवरब्रिज के नजदीक कार रुकी। कार में एक महिला समेत चार लोग थे। महिला ने श्रमिकों के हाथ सेनिटाइज कराए और खाना खिलाया। फिर इन लोगों को भरोसे में लिया व घर छोड़ने की बात कही। उन्हें ओउम नमो शिवाय व समुद्री नाम से दो कोड देते कहा कि कुछ दूर आगे चलने के बाद उनके पास गाड़ी आएगी। ड्राइवर को ये कोड बता देना वे आगे ले जाएगा। इसके बाद श्रमिक इंतजार करते रह गए और कोई गाड़ी नहीं आई। श्रमिकों ने मुलाना में मोनू जिंदल समेत स्थानीय लोगों को आपबीती बताई। एक श्रमिक ने कार का वह नंबर भी दिया जो उसने नोट कर लिया था। वहीं, जब स्थानीय लोगों ने पुलिस को अवगत कराया तो पता चला कि कार सवार महिला आरोपी की पत्नी थी।
मुलाना के कुछ समाज सेवी शुक्रवार देर रात प्रवासियों को साथ लेकर साहा पहुंच गए और वहीं पर मुलाना पुलिस को बुलाया गया। आरोपी की मां ने प्रवासियों व समाज सेवियों से गाली गलौच की, लेकिन पुलिस किसी तरह से आरोपी को वहां से आई। मुलाना थाने में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी खुद को हार्ट का मरीज बताकर वहीं फैल गया।

शिकायतकर्ता व साथ में आए लोगों को संतुष्टि हो गई थी। जिस व्यक्ति पर आरोप लगाए गए थे उसने प्रवासी मजदूरों के पैसे भी वापस कर दिए गए।
नरेंद्र राणा, एसएचओ मुलाना