पुलिस ने चार आरोपी किए गिरफ्तार, 5 पिस्टल, 2 देशी कट्टे, दो रिवाल्वर, 97 कारतूस बरामद

  • 11 मई की सुबह जिम ट्रेनर की नौरंगपुर खेल स्टेडियम में गोलियां मारकर की थी हत्या
  • पुलिस ने आरोपियों के पास एक ब्रेजा कार, एक स्कोर्पियो व एक स्कूटी भी बरामद की

गुड़गांव. गुड़गांव के नौरंगपुर मिनी खेल स्टेडियम में 11 मई की सुबह जिम ट्रेनर की बच्चों के सामने गोलियों से भूनकर हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस रिमांड के दौरान इनके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं। उनकी निशानदेही पर पांच पिस्टल, दो देशी कट्टे व दो रिवाल्वर बरामद हुई हैं। यही नहीं मुख्य आरोपी धीरज उर्फ धीरु ने बताया कि करीब छह महीने पहले अशोक राठी की हत्या के बाद उसके हथियारों को वह लेकर आ गया था। इसके अलावा आरोपियों से पुलिस ने एक ब्रेजा कार, एक स्कोर्पियो व एक स्कूटी सहित 97 कारतूस, 9 खोल भी बरामद किए हैं।

मंजीत की हत्या के पीछे के कारण चारों आरोपियों ने सोसायटी में केयर टेकर का काम लेने की रंजिश बताई है। आरोपी धीरज उर्फ धीरु सोसायटी में केयर टेकर व अखबार का काम छोड़ने की बात कही थी, लेकिन नहीं मानने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस संबंध में मृतक मंजीत के मामा जयपाल निवासी गांव शिकोहपुर ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह खेती बाड़ी का काम करता है।

गत 11 मई को उन्हें सुबह करीब 7 बजे सूचना मिली थी कि उनके भांजे मंजीत निवासी वजीरपुर, दिल्ली हाल निवासी शिकोहपुर अज्ञात 3/4 युवकों ने गोली मार दी। अपने परिवारजनों के साथ घटनास्थल पर पहुंचा तो पाया कि इसके भांजे के सिर, पेट व छाती में गोलियां लगी हुई हैं और आसपास गोलियों के खाली खोल पड़े हुए हैं।

मृतक मंजीत अपने बच्चों के लेकर पार्क में घूमने के लिए गया हुआ था। इसी दौरान उसे गोलियां मारी गई थी।

गोलियां लगने के कारण इसके भांजे मंजीत की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में धीरज कुमार उर्फ धीरू निवासी गांव नखड़ौला, दीपक कुमार उर्फ नवीन निवासी गांव बवानी खेड़ा, जिला भिवानी, मनीष निवासी गांव अछेजा, थाना बेरी, जिला झज्जर, व सोमवीर उर्फ दिनेश निवासी गांव जमावेदी, जिला हिसार को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों से प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ था कि उक्त आरोपी धीरज कुमार उर्फ धीरू वाटिका सिटी सोसाइटी में केयरटेकर व अखबार का काम करना चाहता था। जहां पर पहले ही इस मामले में मंजीत अखबार और केयरटेकर का काम कर रहा था। आरोपी धीरज ने उसको धमकी दी थी कि यह काम छोड़ दें नहीं तो मारा जाएगा। काम ना छोड़ने के कारण आरोपी धीरज ने रंजिश में साथियों से कहकर मंजीत को गोलियां मारकर उसकी हत्या करवा दी थी।