घर लौटना चाहते हैं 10 हजार प्रवासी 537 कुरुक्षेत्र से यूपी और दिल्ली भेजे

  • पुख्ता इंतजाम }15 से ज्यादा बसों में भेजे, स्वास्थ्य टीम ने सभी की जांच की

कुरुक्षेत्र. लॉकडाउन की वजह से जिले में हजारों प्रवासी फंसे हुए हैं। ज्यादा तादाद प्रवासी मजदूरों की है, जबकि पर्यटक पहले ही किसी तरह अपने स्तर पर लौट चुके हैं। अब जिले में फंसे प्रवासी अपने घरों को लौटने को आतुर हैं। यहां तक की लॉकडाउन में काम की मिली छूट के बावजूद अधिकतर प्रवासी घर लौटना चाहते हैं। इसके लिए प्रशासन बकायदा रजिस्ट्रेशन कर भेजने के प्रयास भी कर रहा है। जबकि कई लोग पैदल ही अपने गृह राज्यों को निकल रहे हैं। शनिवार को भी प्रशासन ने कई श्रमिकों को घर भेजा। डीसी ने कहा कि आवेदन करने वाले श्रमिकों को निर्धारित शेडयूल के अनुसार उनके घरों में बसों और स्पेशल श्रमिक ट्रेनों के माध्यम से भिजवाया जा रहा है। शनिवार को 537 श्रमिकों को उतर प्रदेश के शामली व दिल्ली रवाना किया गया है।
अब तक छह राज्यों में भेजे 2891 श्रमिक | कहा कि कुरुक्षेत्र जिले में 10130 श्रमिकों ने अपने-अपने प्रदेशों में जाने के लिए ऑनलाइन प्रणाली से आवेदन किया है। जिसमें से प्रशासन की तरफ से शुक्रवार तक 2354 श्रमिकों को विशेष बसों और श्रमिक ट्रेनों के माध्यम से 6 राज्यों में भेजा जा चुका है। जबकि शनिवार को भी 449 श्रमिकों को उतर प्रदेश के जिला शामली में 15 बसों के माध्यम से भेजा गया है। इसके अलावा 38 श्रमिकों को दिल्ली भेजा है।
पुलिस लाइन में की स्क्रीनिंग| इससे पहले इन श्रमिकों को पुलिस लाइन कुरुक्षेत्र में बुलाया गया। यहां पर सभी श्रमिकों के स्वास्थ्य की स्केनिंग की गई। डीसी ने कहा कि उतर प्रदेश और दिल्ली रवाना करने से पहले एक-एक श्रमिक के बारे में छानबीन की गई और स्वास्थ्य को चेक करने के उपरांत की बसों में बिठाया गया। बसों में भी सोशल डिस्टेंस की पालना की जा रही है। इन सभी श्रमिकों को पुख्ता इंतजाम के बीच उतर प्रदेश और दिल्ली के बीच रवाना किया गया। नोडल अधिकारी एवं एसडीएम थानेसर अश्विनी मलिक ने कहा कि अब तक 2891 श्रमिकों को उनके राज्य में भिजवाया जा चुका है। इस समय कुरुक्षेत्र में रविदास धर्मशाला, अम्बेडकर चौंक पर बनाए गए होम शेल्टर में 49 श्रमिकों को और शाहबाद में होम शेल्टर में 12 श्रमिकों को रखा हुआ है।