गेहूं के लिए 5250 करोड़ रु. की हुई अदायगी, 2200 करोड़ का भुगतान आज होगा: दुष्यंत चौटाला

पानीपत. डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि कोरोना महामारी के बाद प्रभावित हुए उद्योगों को वापस सुचारू करने के लिए करीब 47 हजार यूनिटों को काम करने की परमिशन दी जा चुकी है और करीब 29 लाख 75 हजार लोगों ने काम करना शुरू कर दिया है। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश सरकार कोरोना से पहले 27-28 लाख श्रमिकों को काम देता थे, लेकिन कोविड-19 के दौरान ताजा आंकड़ों के अनुसार इन आकड़ों को संशोधित करने की आवश्यकता है क्योंकि प्रदेश सरकार उद्योग के जरिए करीब 50 लाख लोगों को काम देने का कार्य करता है। सरकार युवाओं को ज्यादा से ज्यादा ट्रेनिंग देकर उदयोगों के जरिए रोजगार देने की दिशा में कार्य करेगी।

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 2100 फसल खरीद केंद्रों पर किसानों की फसलों को खरीदा गया, जहां सरकार ने कोरोना के बचाव के लिए पूरी व्यवस्था कर रखी थी। इसी के परिणामस्वरूप प्रदेश की मंडियों में एक भी कोविड-19 का मामला नहीं मिला जबकि पंजाब की मंडियों में कोरोना संक्रमण के फैलाव के मामले सामने आए।

आगामी तीन-चार दिनों में अपनी फसल बेचने से बचे किसानों को दो बार संदेश भेजकर मंडियों में बुलाया जाएगा और उनकी फसल खरीदी जाएगी। 15 मई सुबह तक 63 लाख 86 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदी जा चुकी है और इसमें से 44 लाख 17 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान करते हुए फसल को गोदाम तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। अब तक 5250 करोड़ रुपए आढ़तियों के खाते में डाल चुकी है। 16 मई सुबह तक 2200 करोड़ रुपए तक के भुगतान को भी पूरा करने का काम सरकार करेगी।

1800 खरीद केंद्रों को घटाकर करीब 900 कर दिए है। प्रदेश के आढ़तियों की मांग पर हरियाणा सरकार अन्य राज्यों की गेहूं की भी खरीद करेगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए अन्य राज्यों के किसानों के लिए प्रदेश सरकरा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल का ही प्रयोग करेगी। उन्होंने कहा कि 17 मई रात 12 बजे से इस पोर्टल को अन्य राज्य के किसानों के लिए चालू कर दिया जाएगा और 20 मई से सशर्त गेहूं की खरीद की जाएगी।

बारिश से 40 से 50 करोड़ का नुकसान: डिप्टी सीएम ने कहा है कि बारिश के चलते गेहूं की चमक फीकी पड़ने से करीब 40 से 50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। किसानों से यह कटौती नहीं की जाएगी, बल्कि हरियाणा सरकार भारतीय खाद्य निगम को इसका भुगतान करेगी। इस संदर्भ में केंद्र सरकार को भी चिट्ठी लिखी गई है। इटली हरियाणा में फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाना चाहता है। इसके लिए कृषि एव फूड प्रोसेसिंग सेक्टर मिलकर काम करेंगे। दूसरे राज्यों के करीब नौ लाख 23 हजार श्रमिकों को मई-जून का राशन प्रदेश सरकार देगी। इन मजदूरों को पांच किलो गेहूं और एक किलो दाल दी जाएगी। तीन लाख 63 हजार डिस्ट्रेस परिवारों को राशन डिपो के माध्यम से यह सामग्री दी जाएगी।