खाद्य आपूर्ति विभाग ने राशन वितरण के लिए जारी किया ऑनलाइन लिंक

  • विभाग की एईपीएस लिंक से सभी कार्डधारक देख सकते हैं वितरण की तिथि व राशन की मात्रा

रेवाड़ी. सरकार द्वारा राशन लेने वाले सभी लाभार्थी परिवारों के लिए उनको दिए जाने वाले राशन को ऑनलाइन किया जा रहा है, जिसमें डिपो होल्डर के साथ कार्डधारक भी अपने राशन की ऑनलाइन निगरानी रख सकता है। पीओएस के माध्यम से वितरित की जाने वाली राशन सामग्री का पूरा विवरण स्वत: ही ऑनलाइन दर्ज हो जाएगा, जिसके बाद कार्डधारक भी देख सकता है कि उसको कितनी सामग्री दी गई है। इसके लिए सभी श्रेणी के कार्डधारक ऑनलाइन लिंक एईपीएस पर राशन कार्ड का 12 अंकों वाला नंबर डालकर राशन का विवरण देख सकता है।

ऐसे देख सकते हैं राशन का विवरण
सभी श्रेणी के राशन कार्ड धारक गूगल पर जाकर खाद्य आपूर्ति विभाग की एईपीएस लिंक को खोलकर राशन कार्ड की श्रेणी डाले, फिर राशन कार्ड का 12 अंकों वाला नंबर डाले, उसके बाद समिट करने के बाद आपके राशन की डिटेल आ जाएगी। सरकार की तरफ से राशन वितरण को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए ही पीओएस सिस्टम को लागू किया है। इसके माध्यम से राशन कार्डधारक को जब ही राशन मिलेगा जब उसका अंगूठा मशीन पर लग जाएगा। राशन कार्डों को आधार से जोड़ने के बाद काफी हद तक पहले ही राशन के गोलमाल पर रोक लग चुकी है और अब पीओएस सिस्टम से वितरण को अनिवार्य कर देने के बाद काफी हद तक यह समस्या कम हो गई है। हालांकि सिस्टम में छेद से इंकार नहीं किया जा सकता है जिसके चलते कई गांवों से इस तरह की शिकायतें आती है कि डिपो होल्डर की तरफ से उनसे अंगूठा पूरी सामग्री पर लगवा लिया लेकिन सामग्री जो तय है वह नहीं दी गई है। इसको देखते हुए सरकार की तरफ से लगभग दो साल पहले आधार इनेबल्ड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम पोर्टल बनाई गई है। पीओएस के लिए विभाग की तरफ से बनाए गए सर्वर से ही यह पोर्टल सीधे रूप जुड़ा हुआ है। इस पोर्टल पर जाकर कोई भी कार्डधारक उसके द्वारा ली गई राशन सामग्री का विवरण देख सकता है। इसमें कार्डधारक को केवल अपना राशन कार्ड 12 अंकों वाला नंबर डालना होगा, जिसके बाद उसकी तरफ से लिए गए हर माह के राशन का ब्यौरा आ जाएगा। यदि डिपो होल्डर की तरफ से किसी भी माह में उसे राशन कम दिया गया है तो वह इसको लेकर अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकता है।

अधिकारियों द्वारा भी की जाएगी निगरानी

सरकार द्वारा ऑनलाइन राशन करने से सभी श्रेणी के कार्ड धारक अपना राशन कार्ड नंबर डाल कर किसी माह का भी राशन देख सकते हैं। इसके साथ ही इस बार कार्डधारकों को निशुल्क और अतिरिक्त राशन दे रही है। निशुल्क सामग्री का वितरण सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा भी इसकी ऑनलाइन निगरानी की जाएगी ताकि वितरण में किसी भी तरह का घालमेल नहीं हो सके।

अलग सर्वर सिस्टम से जुड़ा है खाद्य आपूर्ति विभाग एईपीडीएस पोर्टल
सरकार की तरफ से राशन वितरण को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए ही पीओएस सिस्टम को लागू किया है। इसके माध्यम से राशन कार्डधारक को जब ही राशन मिलेगा जब उसका अंगूठा मशीन पर लग जाएगा। राशन कार्डों को आधार से जोड़ने के बाद काफी हद तक पहले ही राशन के गोलमाल पर रोक लग चुकी है और अब पीओएस सिस्टम से वितरण को अनिवार्य कर देने के बाद काफी हद तक यह समस्या कम हो गई है। हालांकि सिस्टम में छेद से इंकार नहीं किया जा सकता है जिसके चलते कई गांवों से इस तरह की शिकायतें आती है कि डिपो होल्डर की तरफ से उनसे अंगूठा पूरी सामग्री पर लगवा लिया लेकिन सामग्री जो तय है वह नहीं दी गई है। इसको देखते हुए सरकार की तरफ से लगभग दो साल पहले आधार इनेबल्ड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम पोर्टल बनाई गई है। पीओएस के लिए विभाग की तरफ से बनाए गए सर्वर से ही यह पोर्टल सीधे रूप जुड़ा हुआ है। इस पोर्टल पर जाकर कोई भी कार्डधारक उसके द्वारा ली गई राशन सामग्री का विवरण देख सकता है। इसमें कार्डधारक को केवल अपना राशन कार्ड 12 अंकों वाला नंबर डालना होगा, जिसके बाद उसकी तरफ से लिए गए हर माह के राशन का ब्यौरा आ जाएगा। यदि डिपो होल्डर की तरफ से किसी भी माह में उसे राशन कम दिया गया है तो वह इसको लेकर अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकता है।
अधिकारियों द्वारा भी की जाएगी निगरानी
सरकार द्वारा ऑनलाइन राशन करने से सभी श्रेणी के कार्ड धारक अपना राशन कार्ड नंबर डाल कर किसी माह का भी राशन देख सकते हैं। इसके साथ ही इस बार कार्डधारकों को निशुल्क और अतिरिक्त राशन दे रही है। निशुल्क सामग्री का वितरण सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा भी इसकी ऑनलाइन निगरानी की जाएगी ताकि वितरण में किसी भी तरह का घालमेल नहीं हो सके।