कमिश्नर ने कहा-मेयर, अधिकारियों और पार्षदाें की गरिमा काे एक्सईएन ने ठेस पहुंचाई, निलंबित किए जाएं

  • मैं किसी ठेकेदार की गाड़ी में लाइट नहीं रखवा सकता नियमाें के तहत काम करना गलत है ताे यह गलती मैंने की है: जीपी वधवा

पानीपत. नगर निगम कार्यालय में शुक्रवार काे 4 अलग-अलग पार्षदाें ने अपने वार्डाें में लगने वाली नई एलईडी स्ट्रीट लाइट की मांग काे लेकर हाई वॉल्टेज ड्रामा किया। जिसके बाद संबंधित वार्डाें के पार्षदाें काे 50-50 एलईडी लाइट दे दी गईं। साथ ही कमिश्नर अाेम प्रकाश व मेयर अवनीत काैर ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के चीफ सेक्रेटरी काे पत्र लिखकर एक्सईएन जीपी वधवा पर कार्रवाई की सिफारिश की। कमिश्नर व मेयर का कहना है कि एक्सईएन वधवा से लाइट लगने में देरी व स्टाेर में लाइटों की संख्या कम हाेने का कारण पूछा ताे उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। बल्कि अभद्र व्यवहार कर सभी की गरिमा काे ठेस पहुंचाई।

लाइट लगाने के नियम और शर्त

वार्ड-7, 8, 9 व 10 में लोकसभा चुनाव के समय 200-200 एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का टेंडर हुअा था। ये लाइटें 85 लाख रुपए में लगनी थी। सभी वार्डाें में 100-100 लाइट ताे लग गई थी, अभी बाकी तक नहीं लगी। इन लाइटाें काे लगवाने की मांग काे लेकर संबंधित वार्डाें के पार्षद शुक्रवार सुबह 11 बजे देवीलाल कॉम्प्लेस स्थित नगर निगम कार्यालय में पहुंच गए। शाम 4 बजे तक सभी पार्षदाें ने जमकर हंगामा किया।
गैर जिम्मेदाराना रवैया व गलत शब्दाें में दिया अनुशासनहीनता का परिचय : कमिश्नर
कमिश्नर ओम प्रकाश ने कहा कि शहर नई स्ट्रीट व टावर लाइट लगवाने अाैर मरम्मत की जिम्मेदारी के लिए एक्सईएन जीपी वधवा काे नाेडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। अब शहर में कामकाज शुरू हाे गए हैं। वार्ड-7 से 10 तक 200-200 एलईडी लाइट लगाने का टेंडर पहले ही हाे चुका है। संबंधित वार्डाें के पार्षद कई दिन से लाइटाें के लिए चक्कर काटते फिर रहे थे। इस संबंध में एक्सईएन से बात की ताे काेई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। एक्सईएन ने जिम्मेदाराना रवैये व गलत शब्दाें का प्रयोग करते हुए अनुशासनहीनता का परिचय दिया है। इससे मेयर अवनीत काैर, निगम उच्चाधिकारियों व पार्षदाें की गरिमा काे ठेस पहुंची। इसलिए एक्सईएन जीपी वधवा के खिलाफ निलंबन की सिफारिश की है।

पार्षद मुझे कार्यालय से नीचे फेंकने की बात कहते हैं, फिर भी मैं चुप रहा : एक्सईएन
^एक महिला पार्षद के पति मुझे कार्यालय से नीचे फेंकने की बात करते हैं। मैं यह सुनकर भी चुप रहा। अगर चुप रहना अभद्रता है ताे यह काेई न्याय संगत नहीं है। मैं किसी ठेकेदार की गाड़ी में लाइट नहीं रखवा सकता। नियमाें के तहत काम करना गलत है ताे यह गलती मैंने की है।
– जीपी वधवा, एक्सईएन, नगर निगम, पानीपत।