आइसोलेशन वार्ड में डेढ़ घंटे बाद केमिस्ट संचालक की मौत

पानीपत. हरि सिंह कॉलोनी में शुक्रवार काे 55 वर्षीय केमिस्ट संचालक की मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि मौत का कारण कोरोना है। क्योंकि संचालक को दम तोड़ने से डेढ़ घंटा पहले ही खांसी-बुखार होने पर सिविल अस्पताल के अाइसाेलेशन वार्ड में एडमिट कराया था। डाॅक्टराें ने बताया कि मृतक शुगर भी मरीज था। वहीं विभाग ने उनके स्वैब सैंपल ले लिए थे। उसके बाद माैत हो गई। मृतक के बेटे ने बताया कि हरिसिंह कॉलोनी में उनका मेडिकल स्टाेर है। उसके साथ उसके पिता भी स्टाेर पर बैठते थे। पिता को तीन-चार दिन से खांसी-बुखार था। एक डाॅक्टराें काे दिखाने पर टायफाइड और बलगम वाली खांसी बताई थी। उसके बाद से वाे दवा भी ले रहे थे, लेकिन शुक्रवार को अचानक तबीयत ज्यादा खराब हुई तो परिजन करीब 12 बजे सिविल अस्पताल के इमरजेंसी में वार्ड में लेकर पहुंचे। डाॅक्टराें ने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करते हुए इलाज शुरू कर दिया था। उपचार के दौरान (करीब डेढ़ घंटे के भीतर) मरीज ने दम तोड़ दिया।

132 सैंपलाें की रिपाेर्ट निगेटिव मिली
सीएमओ डाॅ. संतलाल वर्मा ने बताया कि शुक्रवार काे 132 सैंपलाें की रिपाेर्ट निगेटिव मिली हैं। शुक्रवार काे 105 सैंपल लेकर लैब में भेजे हैं। जिले में कोविड-19 से संबंधित सिर्फ 4 एक्टिव केस रह गए हैं। कोविड-19 के कुल 2682 सैंपल अभी तक लिए गए हैं जिनमें से 2 488 की रिपोर्ट नेगटिव आई हैं।
यहां कुछ राहत… 4 और लोगों ने जीती महामारी से जंग, 7 साल के बच्चे ने भी काेराेना काे दी शिकस्त

ठीक होने वाले मरीजों में दाे लोग कालखा गांव से हैं
शुक्रवार को जिले के तीन और लोगों ने कोरोना को हराया है। इसमें दाे केस कालखा गांव, एक केस पांवटी अाैर एक केस सेक्टर-11 से है। इसमें कालखा गांव के 30 वर्षीय पिता अाैर 7 साल के बेटा ठीक हाेकर लाैटे। दाेनाें के सैंपल 30 अप्रैल काे हुए, 6 मई काे पाॅजिटिव मिले थे। पिता प्रधानमंत्री कौशल प्रक्षिण केंद्र में ट्रेनर हैं। 7 साल का बेटे काे बुखार था, उसे निजी अस्पताल ले गए ताे वहां से सिविल अस्पताल भेज दिया था, जहां सैंपल लेकर अाइसाेलेशन में एडमिट कर दिया था। सबसे कम उम्र में काेराेना काे हराने वाला ये बच्चा है।

समालखा के पावटी गांव का एक केस ठीक हुआ
शुक्रवार काे ही समालखा के पावटी गांव का 32 साल का एक व्यक्ति काे खानपुर से ठीक हाेने पर छुट्टी मिली है। जाे 8 दिनाें में ही ठीक हाेने वाला दूसरा केस है। इससे पहले नाैल्था की मंजू भी 8 दिन में ठीक हाे चुकी है। पावटी गांव का ये व्यक्ति 7 मई काे पॉजिटिव निकला था। वह भतीजे के झुलसने पर इलाज कराने के लिए दिल्ली ले गया था। 1 मई को लौटा था। गांव लौटने के दो दिनों बाद सैंपल लेकर युवक को इसराना के एनसी कॉलेज में क्वारेंटाइन किया गया था। जांच में काेराेना संक्रमित मिलने पर खानपुर अस्पताल में रेफर किया गया था।

सेक्टर-11 का युवक ठीक होकर देर रात घर लौटा

सेक्टर-11 का दीपक भी खानपुर अस्पताल से ठीक हाेकर गुरुवार देर रात अपने घर लाैट अाया है। वह 5 मई काे काेराेना पाॅजिटिव मिला था। वह कई ढाबाें पर काम करता है। युवक ठीक हाेकर 10 दिनाें में अपने घर लाैटा है। उसके बताया कि डाॅक्टराें अाैर नर्साें ने उसका पूरा ख्याल रखा। वाे एेसी स्थिति में भगवान से कम नहीं है। हमें उनका सम्मान करना चाहिए।