अम्बाला ने कोरोना को फिर हराया, माॅडल टाउन के युवक को रिपोर्ट निगेटिव आने पर मिली छुट्टी

  • पहले भी दो बार कोरोना मुक्त होने के बाद आ चुका केस, अब तक 42 में 40 ठीक हुए

अम्बाला. अम्बाला एक बार फिर कोरोना को हराने में कामयाब रहा। मॉडल टाउन के 22 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव मरीज के रिपीट सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिसके बाद उसे पंचकूला के अलकेमिस्ट अस्पताल से छुट्टी देकर घर पर ही आइसोलेट कर दिया गया। जिले में अब किसी भी लोकल व्यक्ति को कोरोना नहीं है। एमएम मुलाना की कोविड यूनिट में जो कोरोना का एक्टिव केस था वह जम्मू-कश्मीर निवासी ट्रक ड्राइवर का है। यह 35 वर्षीय ड्राइवर अपने क्लीनर के साथ 7 दिन तक 4 राज्यों में घूमा और जम्मू-कश्मीर के शोपिया के डीसी से मिली सूचना के बाद उसे अम्बाला में रोक कर आइसोलेट किया गया था। राहत की बात यह रही कि ट्रक ड्राइवर व साथ घूम रहे 20 वर्षीय क्लीनर के अम्बाला में जो सैंपल लिए गए थे उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। उनका दोबारा भी सैंपल लिया गया है।

सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह के मुताबिक अब तक जिले में 4199 सैंपल लिए जा चुके हैं, इनमें से 4067 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिले में 42 केस पॉजिटिव पाए गए और 40 ठीक होकर घर चले गए। जबकि 2 की मौत हो गई। वहीं, डिस्ट्रिक्ट एपेडेमियोलॉजिस्ट डॉ. सुनील हरि ने बताया कि शनिवार को 93 सैंपल लिए गए जबकि एक रिपोर्ट शुक्रवार की पेंडिंग है। इन सैंपल में से 36 सैंपल रोडवेज चालकों व परिचालकों के हैं। बता दें कि इससे पहले 2 मई को रतनगढ़ की महिला संतोष की मौत होने के बाद कोई एक्टिव केस नहीं बचा था लेकिन 4 मई को एक दिन में 23 केस मिल गए थे। 6 मई को नांदेड़ साहिब से लौटे 4 श्रद्धालु पॉजिटिव मिले। 11 मई को 24 लोगों को एक साथ अस्पताल से छुट्टी मिली और इसके अगले ही दिन यानि 12 मई को मॉडल टाउन का युवक कोरोना पॉजिटव मिला था।

डिस्ट्रिक क्वारेंटाइन कमेटी के इंचार्ज डॉ. राजेंद्र राय ने बताया कि राजस्थान के अलवर से 41 लोगों को लेकर बस अम्बाला पहुंची। इसमें से दो लोग पटियाला के थे। अलवर से एक बस 18 लोगों को लेकर चली है जो रविवार तड़के पहुंचेगी। इन लोगों को होम क्वारेंटाइन किया जाएगा। राजस्थान से आए लोगों की सैंपलिंग नहीं की है। सभी को राजस्थान से सैंपल करने के बाद भेजा गया था। इसके अलावा एमईएस के 2 लोगों को क्वारेंटाइन किया है। एमईएस का एक कर्मचारी बिहार से दिल्ली आया था। वह ट्रेन से सीधे लुधियाना पहुंच गया, जिसे उसका साथी कर्मचारी अपनी कार से लेकर आया था।