अनाज मंडियों में गेहूं की हो रही बेकद्री, बेसहारा पशु मुंह मार रहे

  • जिला की मंडियों में अटके 35 लाख से अधिक कट्टे

कैथल. इस बार गेहूं खरीद का सीजन लंबा चलने व एजेंसियों द्वारा उठान धीमा करने से मंडियों में अब गेहूं की बेकद्री हो रही है। उठान न होने से जिला की मंडियों में करीब 35 लाख से अधिक कट्टे अटके हैं। यहां पर बेसहारा पशु भी मुंह मारते फिरते हैं। ऊपर से मौसम का बिगड़ता मिजाज भी आढ़तियों व किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। अगर बारिश हुई तो मंडियों में गेहूं खराब हो जाएगा। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान शमशेर मित्तल, पूर्व प्रधान जोगध्यान गोयल का कहना है कि एजेंसियों को खरीद किए गए गेहूं का जल्द से जल्द उठान करना चाहिए। अगर गेहूं खराब हुआ तो उसकी जिम्मेदारी आढ़तियों की नहीं बल्कि
एजेंसियों की होगी।
गेहूं खरीद सीजन के दौरान जिला की विभिन्न मंडियों तथा खरीद केन्द्रों में गुरुवार तक 6 लाख 29 हजार 656 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद चारों एजेंसियों द्वारा की गई है। एक ही दिन में जिला में 5 हजार 49 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई। डीसी सुजान सिंह ने बताया कि गेहूं की कुल खरीद में से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 2 लाख 29 हजार 983 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 2 लाख 50 हजार 961 मीट्रिक टन, एफसीआई द्वारा 83 हजार 222 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयर हाउस द्वारा 65 हजार 490 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद गई है।