60 साल से ऊपर के दो बुजुर्गों ने कोरोना को दी मात, नांदेड़ से लौटने पर टेस्ट रिपोर्ट आई थी पॉजिटिव

  • 2 मई को टेस्ट रिपोर्ट आई थी पॉजिटिव, बिना लक्षण वाले मरीजों में थे शामिल
  • मेडिकल स्टाफ ने ससम्मान दोनों को किया रवाना

सिरसा. हरियाणा में कोरोना की रिकवरी रेट 50 प्रतिशत से ज्यादा है। आए दिन नए मरीज आ रहे हैं तो काफी संख्या में ठीक भी हो रहे हैं। शुक्रवार को सिरसा जिले में 62 साल के दर्शन सिंह और 60 साल की बलजीत कौर ने 14 दिन में आखिरकार कोरोना को हरा दिया। दोनों की रिपोर्ट शुक्रवार को निगेटिव आई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। इस दौरान डीसी रमेश चंद्र बिढ़ान खुद पहुंचे और पूरे मेडिकल स्टाफ के साथ तालियां बजाकर दोनों को अस्पताल से रवाना किया।

नांदेड़ से लौटे थे, सैंपल लिए गए तो रिपोर्ट पॉजिटिव मिली

हरियाणा से महाराष्ट्र में स्थित हुजूर साहिब नांदेड़ गुरुद्वारे में काफी संख्या में श्रद्धालु गए हुए थे। सिरसा जिले से भी जत्था गया हुआ था। जब उन्हें सरकार वापस लेकर आई तो डबवाली में क्वारेंटाइन किया गया था। एक मई को 18 श्रद्धालुओं के कोरोना सैंपल लिए गए थे। इनमें से बलजीर कौर और दर्शन सिंह का सैंपल पॉजिटिव मिला था।

दोनों में कोई लक्षण नहीं थे, लेकिन उम्र ज्यादा होने के कारण वे हाई रिस्क वाले मरीजों की श्रेणी में थे। उनकी तीन कोरोना टेस्ट करवाए गए, जिसमें से दो रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। शुक्रवार को रिपोर्ट निगेटिव आई तो डॉक्टरों, जिला प्रशासन और बलजीत कौर व दर्शन सिंह के चेहरे खिल उठे।

उनका कहना था कि डॉक्टरों ने बहुत सहयोग किया, तभी वे रिकवर कर पाए। उन्हें जब छुट्टी दी जानी थी तो खुद जिले के उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने और सिविल सर्जन और अन्य मेडिकल स्टाफ ने तालियां बजाकर घर के लिए रवाना किया।

दोनों ने घर जाते समय जिला प्रशासन और नागरिक अस्पताल की पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा, इलाज के दौरान अस्पताल में उनका पूरी तरह से ख्याल रखा गया और किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आने दी। सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने बताया कि एहतियात के तौर पर दोनों को अपने-अपने घर में क्वारेंटाइन रहने के लिए कहा गया है। कोई परेशानी होने पर तत्काल अस्पताल प्रशासन से संपर्क करने को कहा है।