4 दिन पहले बुखार होने पर निजी डाॅक्टर ने दवा दे भेजा, सब्जी आढ़ती का कर्मचारी निकला पॉजिटिव

  • कैंसर का इलाज करवाने दिल्ली गई एक और महिला काेरोना की चपेट में, नई सब्जीमंडी में भी पहुंचा संक्रमण

रोहतक. अब कोरोना वायरस शहर के अंदर घुसपैठ करता जा रहा है। अब नई सब्जीमंडी में काम करने वाला एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव निकला है। इस वजह से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। अब नई सब्जीमंडी में शुक्रवार से स्क्रीनिंग का काम शुरू होगा। चिंता की बात यह है कि 10 मई को ही इस युवक में लक्षण दिखने लगे थे, लेकिन पड़ोस के डॉक्टर ने फ्लू की दवा देकर भेज दिया। सब्जीमंडी को कंटेनमेंट जोन बनाकर बंद भी किया जा सकता है। वहीं, महम निवासी कैंसर पीड़ित महिला जो इलाज करवाने के लिए दिल्ली गई थी, वह भी कोरोना पॉजिटिव निकली है। सेक्टर 3 निवासी उसकी बेटी व दामाद के भी सैंपल लिए गए हैं। महिला को दिल्ली गए 14 दिन नहीं हुए हैं। इस वजह से यह दोनों ही केस रोहतक में माने जा रहे हैं। ऐसे में रोहतक में एक बार फिर कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 7 पहुंच चुका है। इनमें से 3 ठीक होकर घर जा चुके हैं, जबकि चार का इलाज चल रहा है। दोनों नए केस में ट्रैवल हिस्ट्री खंगालने के साथ-साथ इनसे मिलने वालों की लिस्ट तैयार की जा रही है। वहीं गुरुवार को सिविल सर्जन कार्यालय के 100 के करीब अधिकारियों व कर्मचारियों के कोविड 19 के सैंपल लिए गए।

चार दिन पहले ही दिखने शुरू हो गए थे लक्षण, पहले पीजीआई नहीं गया कर्मचारी
नई सब्जी मंडी में दुकान नंबर 24 में काम करने वाले 22 वर्षीय युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। मरीज मूल से यूपी के बहराइच जिले का रहने वाला है। वह चार माह से यहां काम कर रहा है। पीड़ित ने बताया कि 10 मई को उसे खांसी, बदन दर्द, गले में खराश, जुकाम और बार-बार गला सूखने जैसी समस्या शुरू हो गई तो उसने पास में ही एक डॉक्टर से चेकअप करवा लिया। स्वास्थ्य विभाग को सूचना दिए बगैर डॉक्टर ने भी सामान्य फ्लू की दवा देकर भेज दिया। तबीयत में सुधार नहीं होने पर 13 मई को मरीज पीजीआईएमएस में सैंपल टेस्ट कराने के लिए पहुंचा। यहां टेस्ट के बाद गुरुवार को पॉजिटिव रिपोर्ट आने की सूचना फोन पर दी गई। शाम 8 बजे के बाद एंबुलेंस की टीम न्यू सब्जी मंडी स्थित दुकान पर पहुंची और मरीज को एंबुलेंस में लेकर पीजीआईएमएस के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवा दिया। पीड़ित युवक ने बताया कि उसके साथ में काम करने वाले 50 से 60 श्रमिक 2 दिन पहले मेडिकल टेस्ट करवाकर अपने घरों की ओर चले गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि शुक्रवार सुबह न्यू सब्जीमंडी के अंदर स्थित दुकानों में काम करने वाले लोगों की स्क्रीनिंग का काम शुरू करवाया जाएगा।

दिल्ली में इलाज करवाने जाने का मतलब है संक्रमण को निमंत्रण, 5 हो चुके संक्रमित
दिल्ली में बड़े अस्पतालों के चक्कर में रोहतक वाले वहां इलाज करवाने के लिए जाते हैं, लेकिन इन दिनों दिल्ली में संक्रमण का ज्यादा खतरा है। 3 अप्रैल काे साईंदास काॅलाेनी की काेराेना पाॅजिटिव महिला की दिल्ली में माैत हाे गई। वह इलाज करवाने गई थी। 22 व 23 अप्रैल काे ककराना के कैंसर मरीज व उनकी पत्नी में काेराेना की पुष्टि हुई। वे दिल्ली इलाज करवाने गए थे। 8 मई काे शिव काॅलाेनी की महिला भी संक्रमित निकली, वह अपने पति का कैंसर का इलाज करवाने दिल्ली गई थी। 14 मई काे महम की महिला निकली पाॅजिटिव। वह भी दिल्ली में इलाज करवाने गई थीं। जाे व्यक्ति 14 दिन से राेहतक में नहीं था, उसे राेहतक का केस नहीं माना जा रहा।

सेक्टर 3 निवासी बेटी और दामाद के साथ दिल्ली गई थी इलाज करवाने

महम की रहने वाली कैंसर पीड़ित महिला हिसार के निजी अस्पताल में इलाज कराने के बाद 2 मई को शहर के दिल्ली रोड स्थित काइनोस हॉस्पिटल में भर्ती हुई थी। एक दिन आईसीयू और 3 दिन अलग वार्ड में भर्ती रखकर इलाज करने के बाद उसे दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल में 5 मई को रेफर कर दिया गया। वहां पर इलाज कराने के बाद डॉक्टरों ने उसे गंगाराम हॉस्पिटल में भेजा। वहां पर चिकित्सकों ने पहले कोरोना वायरस संक्रमण का सैंपल टेस्ट किया। निजी लैब से बुधवार को सैंपल टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे आइसोलेट कर दिया गया। सेक्टर-3 स्थित निवास पर रहने वाली बेटी और दामाद दिल्ली में महिला के पास रुके हुए हैं। वहीं सिविल सर्जन कार्यालय की तरफ से काइनोस अस्पताल के चार चिकित्सकों के सैंपल टेस्ट कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि सिविल सर्जन का कहना है कि गुरुवार को उन्हें दिल्ली स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से रिपोर्ट नहीं मिली है। इसके लिए पत्र लिखा गया है।