हेरोइन की फर्जी मुखबिरी की कॉल कर 12 पुलिस अफसरों को करोड़ों की चपत लगाई, बिहार के डीजीपी को भी नहीं बख्शा

  • सिर्फ पांचवीं पास है फाजिल्का जिले के कस्बा जलालाबाद का हरिचंद उर्फ बंटी
  • हरियाणा पुलिस के डीआईजी को निशाना बनाने के लिए सिरसा पहुंचा तो धरा गया

फाजिल्का. फाजिल्का जिले का एक खतरनाक ठग शुक्रवार को हरियाणा पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। यह वही शख्स है, जो हेरोइन की फर्जी मुखबिरी करके अलग-अलग राज्यों के 12 बड़े पुलिस अधिकारियों से करोड़ों रुपए ऐंठ चुका है। इन 12 पुलिस वालों में बिहार के डीजीपी भी शामिल हैं, वहीं अब अगला निशाना हरियाणा पुलिस के सिरसा के डीआईजी और हिसार रेंज के आईजी थे। इस शिकार को फंसाने के लिए यह सिरसा पहुंचा तो वहां जाल में आ गया।
यह है बंटी के काम करने का तरीका
आरोपी की पहचान, कस्बा जलालाबाद के हरिचंद उर्फ बंटी के रूप में हुई है। यह सिर्फ पांचवीं पास ही बताया जा रहा है। इससे आगे नहीं पढ़ सका, लेकिन बावजूद इसके इसका शातिर दिमाग बड़े-बड़ों का मुंह खुलवाने वाली पुलिस को ही बेवकूफ बनाने के लिए चलता है। पुलिस के मुताबिक बंटी किसी भी पुलिस अधिकारी को कॉल करके कहता था कि वह बड़ी मात्रा में नशा पकड़वा सकता है। वह संबंधित वाहन का पीछा कर रहा है। पहले गाड़ी का किराया मांगता या मोबाइल रिचार्ज करवाने का आग्रह करता, इसलिए वह अकाउंट नंबर भेजकर पैसे की मांग करता। इस तरह उसने पुलिस अधिकारियों से 1300 से 5000 रुपए तक अकाउंट में ट्रांसफर करवाए थे। बेशक पांचवीं पास है, लेकिन तकनीक का माहिर है। गूगल या अन्य संसाधनों के सहारे वह अपनी लोकेशन ब्लॉक कर देता था, ताकि सामने वाले को लगे कि वह तस्करों का पीछा कर रहा है।
डीआईजी के पास दाल नहीं गली तो आईजी को निशाना बनाने चल निकला
सिरसा के डीआईजी डॉ. अरुण सिंह नेहरा ने बताया कि बंटी नामक ठग ने पहले बिहार के डीजीपी को फोन करके कहा कि नई दिल्ली से बिहार में हेरोइन की बड़ी खेप आ रही है। वह पुलिस का मुखबिर बनकर उसे पकड़वाना चाहता था। डीजीपी ने शाबाशी दी। तभी उसने रिचार्ज खत्म होने और पैसे डलवा देने की बात कही। डीजीपी ने 1300 रुपए का रिचार्ज करवा दिया। उसके बाद वह फोन बंद करके गायब हो गया। इससे पहले सिरसा डीआईजी नेहरा को भी ठग बंटी ने कॉल करके कहा था कि वह पहले हेरोइन तस्करी करता था। अब साथियों के साथ उसकी बिगड़ गई है, इसलिए वह उन्हें पकड़वाना चाहता है। वो ढाई किलो हेरोइन लेकर डबवाली की ओर आ रहे हैं। वह एयरफोर्स स्टेशन सिरसा के पास पकड़वा देगा। इस पर सिरसा डीआईजी ने भी वैरिगुड कहा और एक लाख रुपए इनाम भी देने की बात कह दी।
बाद बंटी ठग ने कहा कि वह किराये पर गाड़ी लेकर तस्करों के पीछे चलेगा। मगर इसके लिए उसके पास किराया नहीं है। उसने 4 हजार रुपए उसके अकाउंट में ट्रांसफर करने की मांग की। इस पर डीआईजी ने कहा कि गाड़ी चालक से उनकी बात करवा दे। जब बंटी को यहां दाल गलती नहीं दिखी तो उसने मोबाइल बंद कर लिया। डीआईजी के बाद बंटी ने अगला शिकार बनाने के लिए हिसार आईजी को चुना। हिसार आईजी को भी इस प्रकार की सूचना दी। हिसार आईजी ने सिरसा डीआईजी से संपर्क किया तो सिरसा डीआईजी ने बताया कि यह कई अधिकारियों को ऐसे फोन कर रहा है। उसे ट्रेस किया जा रहा है।
जलालाबाद से ट्रक में बैठकर पहुंचा सिरसा
पुलिस को पता चला कि वह जलालाबाद से ट्रक में बैठकर डबवाली पहुंचा था। पुलिस ने उसे गांव डबवाली बस अड्डे से धर दबोचा और उसका मोबाइल चेक किया तो देशभर के पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नंबर मिले। वाट्सऐप्प पर अधिकारियों को दिया गया बैंक अकाउंट मिला, जिसमें वह पैसा ट्रांसफर करवाता था। बैंक अकाउंट जलालाबाद के एक दुकानदार का है। दुकानदार के खाते में 1000 रुपये आते थे तो बंटी रुपए लेते समय उसे 40 रुपए कमीशन देता था।