हरियाणा स्टेट मेडिकल एंड सेल्ज रेप्रजेंजटिव यूनियन ने मनाया मांग दिवस और रखीं मांगें

सिरसा. हरियाणा स्टेट मेडिकल एंड सेल्ज रिप्रजेंटेटिव यूनियन ने लॉकडाउन व सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए मांग दिवस मनाया। यूनियन के प्रदेश संयुक्त महासचिव कुलवंत राय ने कहा कि किसी भी देश, समाज, संस्था और उद्योग में मजदूरों, कर्मचारियों और मेहनतकशों की अहम भूमिका होती है। मजदूरों और कर्मचारियों की मेहनत और लगन की बदौलत ही आज दुनिया भर के देश हर क्षेत्र में विकास कर रहे हैं। आज पूरे प्रदेश में लॉकडाउन के कारण श्रमिकों व कर्मचारियों की पीड़ा को कम करने के लिए मांग दिवस के रूप में मनाया गया है, जिसमें उनकी केंद्र सरकार व राज्य सरकारों से प्रमुख मांगे जैसे कि मजदूरों व कर्मचारियों का शोषण न हो, 8 घंटे का काम लागू, श्रम कानूनों में बदलाव वापिस हो, सरकारी आदेश के बावजूद वेतन न देने वाले मालिकों पर सख्त कार्रवाई, न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये लागू हो, कोरोना के बहाने छंटनी जुल्म न हो, कोरोना महामारी के आड़ में मजदूरों पर अत्याचार बंद हो, सभी मजदूरों व कर्मचारियों को समय पर पूरा वेतन मिले, प्रवासी मजदूरों की घर वापसी का इंतजाम हो, ‘वर्क फ्रॉम होम’ के नाम पर मानसिक उत्पीड़न करना बंद हो, सेल्ज प्रमोशन एम्प्लॉईज़ को कोरोना प्रोटेक्शन के लिए पीपीई किट, मास्क, दस्ताने, हैड कवर और सेनेटाइजर उपलब्ध करवाए जाए, सभी कर्मचारियों और उनके परिवार वालो को टर्म प्लान एवं हेल्थ इंशोयरेंस पॉलिसी की सुविधा, रेड जोन में फील्ड वर्क (मार्केटिंग) करने के लिए मानसिक दबाव ना बनाया जाये इत्यादि को लेकर संघर्ष जारी है। हरियाणा स्टेट मेडिकल एंड सेल्ज रिप्रजेंटेटिव यूनियन देश के प्रधानमंत्री, श्रम और रोजगार मंत्रालय व राज्य सरकारों ने अपील की है कि मौजूदा श्रम कानूनों में बदलाव न करें, श्रमिकों की नौकरियों की रक्षा करें, मजदूरी के भुगतान को सुनिश्चित करें व सभी मांगो पर गौर फरमाया जाए। इस समय तो ज़रूरत है कि श्रम कानूनों को और भी मजबूत बनाया जाए न कि उन्हें खत्म व कमजोर किया जाए। यह सभी मांगे देश के श्रमिकों, कर्मचारियों व मेहनतकशों के हित के लिए हैं।