शहर को स्ट्रे कैटल फ्री करने के लिए प्रशासन ने बनाई प्लानिंग, छह हजार रुपये सालाना में एक नंदी दिया जाएगा समाजसेवियों को गोद

सिरसा. शहर को आवारा पशु मुक्त बनाने के लिए नगर परिषद और जिला प्रशासन ने प्लानिंग बना ली है। समाजसेवियों को साथ लेकर डीसी और एसडीएम सहित नगर परिषद अधिकारियों ने भी केलनियां स्थित नंदीशाला का निरीक्षण किया। नंदीशाला संचालन के लिए जहां एक ओर ग्राम पंचायत आगे आई वहीं दूसरी ओर शहर के समाजसेवियों ने भी सहयोग का वायदा किया। अब सालाना 6 हजार खर्चे पर प्रत्येक नंदी समाजसेवियों को गोद दिया जाएगा।

सीएम घोषणा के तहत शहर के साथ लगते गांव केलनियां में 4 करोड़ रुपये की लागत से नंदीशाला का निर्माण किया गया। इस नंदीशाला में 3 हजार से ज्यादा पशुओं को रखने की केपेसिटी है। नंदीशाला तैयार होने के बाद जिला प्रशासन ने इसके संचालन की जिम्मेदारी समाजसेवी संस्था को दी है। लेकिन अब संचालन के लिए दानवीरों की जरूरत है। इसलिए जिला प्रशासन ने व्यापक प्लान बनाया और डीसी रमेश चंद्र बिढ़ान, एसडीएम, जयवीर यादव, नगर परिषद सचिव गुरशरण सिंह, एक्सईएन सुमित मलिक ने समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर निरीक्षण या और प्लान बनाया। इस दौरान गांव के सरपंच सुभाष, पूर्व सरपंच भूरा राम, गुरदीप सिंह, रघुवीर सिंह भी उपस्थित थे।

डीसी, एसडीएम व समाजसेवियों ने लिया नंदियों को गोद
नंदीशाला में 500 से ज्यादा बेसहारा पशु हैं जिन्हें नगर परिषद ने शहर से पकड़कर नंदीशाला पहुंचाया है। इनके पालन, पोषण के लिए स्कीम चलाई कि समाजसेवियों को नंदी गोद दिए जाएंगे। एक नंदी का साल का पालन पोषण का खर्चा 6 हजार रुपये है। इसलिए डीसी रमेश चंद्र बिढ़ान, एसडीएम जयवीर यादव सहित समाजसेवियों वेद गोयल, संजीव जैन, आनंद बियाणी सहित कई लोगों ने उन्हें गोद लिया।

ये भी आए आगे, तूड़ी, चारे के लिए दिया सहयोग

इस दौरान गांव की पंचायत ने प्रतिदिन एक क्विंटल दलिया देने का वायदा किया। पुष्पेंद ने दो एकड़ में पशु चारा उगाने की बात कही। इसी प्रकार संदीप ने भी अपना ट्रैक्टर, पंखा डीजल सहित कुछ दिन काम करने के लिए दिया। वेद गोयल ने एंबुलेंस दी है।

नंदीशाला संचालन के लिए बनाया है प्लान

नंदीशाला संचालन के लिए प्लान बनाया गया है। गुरुवार को डीसी, एसडीएम सहित विभिन्न अधिकारियों ने दौरा किया और संचालन को लेकर मंथन किया। इस दौरान शहर के समाजसेवी भी आगे आए हैं जिससे शहर को आवारा पशु मुक्त बनाया जा सके।''- गुरशरण सिंह, सचिव, नगर परिषद, सिरसा।