लॉकडाउन में पावर कट ने ऑनलाइन क्लासेस और आईआईएम रोहतक के एंट्रेस एग्जाम में डाला खलल

  • अम्बाला कैंट के 3 सब डिवीजन में 75 हजार उपभाेक्ताओं के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं, यूएचबीवीएन ने प्रति सब डिवीजन 10-10 कर्मियों की नहीं दी सेक्शन

अम्बाला. लॉकडाउन में एक तरफ वर्क फ्रॉम होम। दूसरी तरफ बच्चों की पढ़ाई। दोनों ही ऑनलाइन हो रही है। इसलिए हर घर में बिजली की खपत न सिर्फ बढ़ गई है बल्कि बिजली का 10 मिनट का पावर कट भी परेशानी बढ़ रहा है। शुक्रवार को आईआईएम रोहतक का एंट्रेस एग्जाम था। इसलिए युवा सुबह से एंट्रेस एग्जाम की तैयारी में जुटे थे। लेकिन सुबह से शाम तक कैंट में एग्जाम में पावर कट ने खूब खलल डाला। बिजली निगम का तर्क है कि खपत बढ़ने से विभिन्न कॉलोनियों के ट्रांसफार्मर और बिजली के तार पर लोड अधिक होने से खराबी आ रही है। जैसे-जैसे पारा बढ़ रहा है उससे शहरी फीडर के साथ-साथ अर्ध शहरी फीडर पावर कट बढ़ गए हैं। इसलिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम अपने दावे के मुताबिक 24 घंटे बिजली सप्लाई नहीं दे पा रहा है। अम्बाला सिटी की बजाए अम्बाला कैंट में पावर कट की समस्या ज्यादा है, यहां कभी मौसम खराब होने की वजह से बिजली सप्लाई गुल हो जाती है तो कभी मरम्मत के कारण 4 से 5 घंटे तक बिजली सप्लाई बंद की जा रही है। उधर, एक्सईएन कैंट दावा कर रहे हैं कि 23 घंटे बिजली सप्लाई हो रही है।
बिजली निगम का स्टाफ कम एरिया ज्यादा, जेई भी प्रर्याप्त नहीं
कैंट की बात करें तो यहां पर सब डिवीजन नंबर एक, क्वालिटी सब डिवीजन नंबर दो, बब्याल सब डिवीजन है। तीनों ही सब डिविजन के बिजली उपभोक्ताओं की संख्या करीब 75 हजार है और स्टाफ बहुत कम है यहां तक कि जूनियर इंजीनियर भी पर्याप्त नहीं है। इसीलिए जेई का काम फॉरमैन, लाइनमैन और फोरमैन का काम हेल्पर कर रहे हैं। हर साल बिजली निगम प्रत्येक सब डिवीजन को गर्मी के सीजन में काम चलाने के लिए दस-दस हेल्पर मुहैया कराता आ रहा है ताकि मई-जून और जुलाई के महीने में कम फील्ड स्टाफ की कमी को पूरा किया जा सके। लेकिन इस बार काम सक्षम युवाओं के सहारे चलाया जाएगा।

^ मैं प्रोफेसर हूं और लॉकडाउन में वर्क फ्रॉम होम करना पड़ रहा है। घर में बच्चे भी हैं जिनके ऑनलाइन एग्जाम भी है। शुक्रवार को आईआईएम रोहतक का एंट्रेंस एग्जाम था और क्लासेज भी चल रही हैं, लेकिन सुबह साढ़े 8 से 10 बजे तक पहले बिजली बंद रही। दोपहर और शाम को पावर कट लगता रहा। पूरे गोविंद नगर में बिजली की सप्लाई का बहुत बुरी हालत है, पता नहीं कब बिजली की सप्लाई बंद हो जाती है। कुछ क्लासेस पेड होती हैं और पावर कट से पैसा बेकार हो जाता है।
डॉ. शालिनी, गोबिंद नगर, अम्बाला कैंट।

कोशिश है, बिजली सप्लाई बेहतर मिले: एक्सईएन

^ कोरोना काल में हम कोशिश कर रहे हैं कि बेहतर बिजली सप्लाई मिले। फॉल्ट पड़ने पर एक से दो घंटे लग जाते हैं। इसलिए सप्लाई को बंद भी करना पड़ जाता है। इस आपात स्थिति में हेडक्वार्टर से कर्मचारियों की डिमांड भेज रखी है। अभी सेक्शन आनी बाकी है।
पवन नरुला, एक्सईएन, बिजली निगम अम्बाला कैंट।