प्रत्यर्पण के खिलाफ विजय माल्या की फाइनल अपील खारिज, 28 दिन में लाया जा सकता है भारत

शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत लाने की उम्मीद बढ़ गई है। 14 मई को लंदन हाईकोर्ट ने विजय माल्या की भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में अपील करने की अनुमति देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है।इस अपील के खारिज होने के बाद अब उसको 28 दिनों में भारत लाया जा सकेगा। इस अपील के खारिज होने के साथ ही माल्या के पास अब कोई और कानूनी विकल्प नहीं बचा है। अब माल्या के मुद्दे पर UK की होम सेक्रेटरी प्रीती पटेल अंतिम फैसला लेंगी। इसके पहले वह लंदन High Court में अपने भारत  प्रत्यर्पण मामले को हार चुका था। लंदन हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि माल्या ने भारतीय बैंकों को धोखा दिया और उसे भारत में प्रत्यर्पित किया जाना चाहिए. गौरतलब है कि शराब कारोबारी 64 वर्षीय विजय माल्या भारत में भगोड़ा घोषित किया जा चुका है, उसपर करीब 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है।  विजय माल्या लंबे समय से लंदन में  रह रहा है।
बता दें कि देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए भारत सरकार बड़े पैकेज का ऐलान किया है। इस पर  भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने भी अपनी खास प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उसने सरकार को राहत पैकेज लाने के लिए बधाई देते हुए अपना पूरा लोन चुकाने की गुजारिश की है और कहा है कि उनके खिलाफ चल रहे सभी मामले बंद कर दिए जाएं। माल्या ने लिखा कि मुझसे सारा पैसा बिना शर्त के ले लीजिए और मामला खत्म कर दीजिए।

कोर्ट में मौजूद नीरव मोदी केस के वकील ने हाई कोर्ट के फैसले पर कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन इशारा किया कि अगला दरवाजा यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स है. इंग्लैंड में सारे कानूनी विकल्प खत्म होने के बाद 28 दिनों में माल्या का प्रत्यर्पण होना है, लेकिन मामला अगर यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स (ECHR) में जाता है तो प्रत्यर्पण लटक सकता है.