पूर्व विधायक की फर्म ने न 2.22 करोड़ जुर्माना भरा, शराब भी चुराकर बेच दी

पानीपत. समालखा में 4 साल पहले खामियां मिलने पर सील हुए एल-वन एबी गोदाम से करोड़ों रुपए की शराब चोरी के मामले में पूर्व विधायक सतविंदर राणा की गिरफ्तारी के बाद राजनीति गलियारें भी गर्म हो गए हैं। 3 दशक से राजनीति में सक्रिय आरोपी राणा का इतना रुतबा था कि वे 4 साल तक इस मामले को लटकाए रहे। इस बीच न तो फर्म ने एक्साइज विभाग द्वारा लगाए गए 2 करोड़ 22 लाख 06 हजार रुपए का जुर्माना जमा कराया। ऊपर से गोदाम में सील हुई शराब का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा बेच दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक लॉकडाउन में भी आरोपी गोदाम से शराब चुराकर जिले व आसपास के हिस्सों में सप्लाई कर रहे थे। लेकिन चोरी हुई 4500 पेटी शराब सिर्फ लॉकडाउन में ही चोरी नहीं हुई। आरोपी कई महीनों से गोदाम में शराब चुरा रहे थे। इसकी एक्साइज विभाग को भनक तक नहीं लगी। दो दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी पूर्व विधायक राणा से पुलिस यह पता करने की कोशिश करेगी कि इस मामले में और कितने लोग शामिल है। शराब की कहां-कहां और कैसे तस्करी की गई। क्या शराब ठेकों पर भी शराब बेची गई है। ऐसे पुलिस ने कई सवाल तैयार किए हैं।

शराब की बरामदगी मुश्किल, क्योंकि लोग पी गए
चोरी हुई 4500 पेटी शराब बरामद करना एसआईटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती हैं, क्योंकि शराब तस्करी के बाद आगे सेल हो गई। अधिकर शराब लोग पी गए, इसलिए शराब बरामद हो पाना मुश्किल है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपियों से शराब से कमाए गए रुपए की बरामदगी हो सकती है। एसआईटी रुपए बरामदगी के ही पूरे प्रयास कर रही है।
डीएसपी के नेतृत्व में दो इंस्पेक्टर कर रहे हैं जांच
डीएसपी क्राइम राजेश फोगाट के नेतृत्व में सीआईए-2 प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक और समालखा थाना एसएचओ को एसआईटी में शामिल किया गया। एसआईटी ने जांच की तो परतें खोलती चली गई और पुलिस पूर्व विधायक तक पहुंच गई। अभी मामले में और भी गिरफ्तारी होनी है, लेकिन मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण पुलिस ज्यादा कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।