कोरोना से मौत के बाद कोई दूसरा उसके संपर्क में न आए इसलिए शव रखने को सिविल अस्पताल पहुंचे 90 बॉडी कवर

  • मीडियम साइज के 41 और 49लार्ज बॉडी कवर से संक्रमण फैलने का कम होगा खतरा
  • मोर्चरी में लावारिश बॉडी भी इसी कवर में रखवाई जाएंगी

सिरसा. कोरोना वायरस से मौत के बाद कोई दूसरा उसके संपर्क में न आए, इसके लिए सिविल अस्पताल प्रशासन ने 90स्पेशल बॉडी कवर का इंतजाम किया है। जिसमें 49 लार्ज व 41 मीडियम साइज के बॉडी कवर शामिल हैं।
यह कवर विशेष मटीरियल से बनवाए गए हैं। अब किसी कोरोना संक्रमण की मौत होती है, तो उसका शव इस कवर में ठीक से रखने के बाद मोर्चरी में शिफ्ट किया जाएगा। जबकि इससे पहले साधारण कपड़े या पॉलीथिन में लपेट कर शव गृह में रखा जाता था। लेकिन अब विशेष बॉडी कवर से संक्रमण फैलने का खतरा नहीं रहेगा। सिविल अस्पताल प्रशासन ने यह बॉडी कवर स्पेशल मटीरियल से लॉकल तैयार करवाए हैं। जिनमें लार्ज कवर की लंबाई 7 फुट व घेरा 4.5 फुट रखा गया है, जबकि मीडियम बॉडी कवर का घेरा 4 फुट और लंबाई सवा 6 फुट है।
इसमें कीटाणु और यहां तक कि पानी भी आर पार नहीं हो पाता। मृतक के शव का कवर सहित अंतिम संस्कार करना होगा। इस कवर के जलने से प्रदूषण भी कम होना बताया जाता है।

मोर्चरी में लावारिश शव के लिए इस्तेमाल होगी किट

जिला में बरामद लावारिश शवाें को शिनाख्त के लिए 72 घंटों तक मोर्चरी में रखा जाता है। जिससे अस्पताल में बदबू का आलम रहता था। जबकि पुलिस प्रशासन को भी कई तरह की परेशानी होती थी। लेकिन उनके शव बॉडी कवर में ठीक से रैप करके मोर्चरी में रखे जाएंगे, तो ऐसी दिक्कतों से राहत मिलेगी। वहीं कई तरह के संक्रमण फैलने का खतरा भी कम होगा।
संक्रमण दूसरों में न फैले इसलिए बनवाए कवर
^कोरोना से किसी की मौत होती है, तो उसके शव को इस विशेष कवर में रखा जाएगा। कवर सहित उसका अंतिम संस्कार करना होगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने विशेष मटीरियल से 86 बॉडी कवर बनवाए हैं, ताकि संक्रमण दूसरों में न फैल पाए। – डॉ. संदीप, एमएस, सिविल अस्पताल