कोरोना संक्रमित मां को 33 घंटे बाद वीडियो कॉल से दिखाया लाडो का चेहरा

  • जीआई में बहादुरगढ़ की कोरोना संक्रमित महिला की करवाई थी डिलीवरी, अब बच्ची को संक्रमण से बचाने के लिए मां से रखा हुआ है दूर

रोहतक. बहादुरगढ़ लाइनपार क्षेत्र की कोरोना संक्रमित महिला मंगलवार देर रात 2 बजे नवजात बच्ची को जन्म देने के बाद लगातार 33 घंटे तक अपनी लाडो का चेहरा देखने के लिए तरसती रही। एक बार लाडो का चेहरा दिखाने की स्टाफ से बार-बार अपील करती रही। हालांकि बच्ची की रिपाेर्ट निगेटिव है, लेकिन मां पाॅजिटिव हाेने के कारण एहतियात के ताैर पर उसे दूर रखा गया है। मां की तड़प को देख आइसोलेशन वार्ड के प्रभारी ने नियोनाेटोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. जगजीत दलाल से संपर्क किया। इसके बाद वीडियो कॉलिंग के जरिए निकू वार्ड में भर्ती बच्ची को दिखाने पर सहमति बनी।
गुरुवार सुबह 11:30 बजे के करीब आइसोलेशन वार्ड में भर्ती महिला ने निकू वार्ड के स्टाफ नर्स के नंबर पर वीडियो कॉलिंग की और नवजात बेटी का चेहरा देखा। स्टाफ नर्स ने बताया कि थोड़ी देर के लिए हुई वीडियो कॉलिंग में मासूम बच्ची की स्माइल देख मां की आंखों में आंसू आ गए।

अब मां का दूध भी होगा नसीब:

एचओडी डॉ. जगजीत दलाल ने संक्रमित मां को अपना दूध बच्ची को पिलाने की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि वो दिन भर में 5 से 7 बार में अपना दूध एक डिब्बे में एकत्रित करे। मां का एकत्रित किया हुआ दूध आइसोलेशन वार्ड से निकू वार्ड तक एक ट्रॉली के जरिए लाने के लिए एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। एचओडी डॉ. जगजीत दलाल ने बताया कि कई स्टडीज में पाया गया है कि मां के दूध में वायरस नहीं होता है। इसलिए नवजात को मां का दूध दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कई राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमित महिलाओं ने गाइडलाइंस को फालो करते हुए बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग भी कराई है। रविवार को संक्रमित महिला का सैंपल टेस्ट के लिए लैब में भेजेेंगे और वहां से निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही बच्ची को मां के सुपुर्द करने का फैसला लिया जाएगा।

ग्रीन कॉरिडोर बनाकर करवाई थी डिलीवरी

हरियाणा में कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला की डिलीवरी करवाने का पहला मामला था। इसके लिए स्पेशल ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया ताकि संक्रमण न फैले। 9 सदस्यों की टीम ने पीपीई किट पहनकर डिलीवरी करवाई। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी कोरोना की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है।