600 काे 15 बसाें से यूपी व 130 काे ट्रेन से भेजा बिहार

  • हरियाणा राज्य परिवहन की बसों और ट्रेन से स्वास्थ्य जांच के बाद ही श्रमिकों को रवाना किया

बहादुरगढ़. कोविड-19 वैश्विक महामारी के तहत चल रहे लॉकडाउन 3.0 में झज्जर जिला में मौजूद कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रवासी श्रमिकों को उनके घर भेजने की प्रक्रिया प्रशासन की ओर से जारी है। बुधवार को झज्जर जिले से हरियाणा राज्य परिवहन की 15 बसों से करीब 600 प्रवासी श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच के बाद उत्तर प्रदेश राज्य के बुलंदशहर के लिए रवाना किया गया। साथ ही बिहार राज्य के पटना क्षेत्र में रोहतक से जाने वाली ट्रेन से झज्जर जिले के 130 कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रवासी श्रमिकाें को भेजा गया है।
डीसी जितेंद्र कुमार ने बताया कि अन्य राज्यों को जाने वाले कृषि क्षेत्र के प्रवासी श्रमिकों को भेजने की व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारी के रूप में सीटीएम डाॅ. सुभिता ढाका जिम्मेवारी निभा रही हैं। अन्य राज्यों के नोडल अधिकारियों से संपर्क साधते हुए शेड्यूल अनुसार प्रवासी श्रमिकों को बसों व ट्रेन के माध्यम से उनके गृह जिलों में भेजा जा रहा है।

लॉकडाउन के दौरान बीच में फंसे प्रवासियों को घर भेज जाने को लेकर बुधवार को भी प्रशासन की ओर से उचित कदम उठाए गए। पहले उनकी स्वास्थ्य जांच करवाई गई और बाद में उत्तर प्रदेश के बुलंद शहर के लिए 38 श्रमिकों को रोडवेज बस के माध्यम से ले जाया गया। इनको खाना व मास्क प्रशासन द्वारा दिया गया, जबकि 128 प्रवासियों व दो बच्चों को हरियाणा रोडवेज की बसों से रोहतक ले जाया गया। बालौर कॉलेज से इन्हें ले जाया गया है। इसमें नवादा के 6, जहानाबाद के 4, नालंदा के 27, पटना के 50, भोजपुर के 26, बकसर के 10, एटा के 2, गया का 1 व छपरा के 4 है, जिनमें 2 बच्चे भी शामिल है। रोडवेज चालक व परिचालक के साथ पुलिस कर्मी उनके साथ रोहतक तक गए। उधर बालौर कॉलेज से उत्तर प्रदेश के लिए जो 38 प्रवासी मजदूर हरियाणा रोडवेज की बस से उत्तर प्रदेश के बुलंद शहर के लिए गए है उनमें बलिया का 1, मोहबा के 5, आजमगढ़ 3, हरदोई 13, ईटा 5, फिरोजाबाद 1, फतेहपुर 3, इलाहाबाद 4, गोरखपुर 1 और जौनपुर के 2 शामिल है। बहादुरगढ़ से बुधवार को 158 प्रवासी श्रमिकों के अलावा 2 बच्चों को बिहार व उत्तर प्रदेश भिजवाए जाने का कार्य किया गया। प्रवासी श्रमिकों के चेहरे पर घरों का रूख होने पर खुशी देखने को मिली। लॉकडाउन के दौरान काफी प्रवासी श्रमिक बहादुरगढ़ के शेल्टर होम में ठहरे हुए थे। प्रशासन की ओर से उनके खाने पीने से लेकर स्वास्थ्य जांच भी करवाई जाती रही। अब सरकार ने उन्हें घर भेजे जाने को लेकर कदम उठाए तो इसी कड़ी के तहत उनकी स्वास्थ्य जांच फिर से करवाए जाने के बाद उन्हें घर भेजा जा रहा हैं।

अन्य राज्याें से तालमेल बना भेजे जा रहे श्रमिक : नाेडल अधिकारी

नोडल अधिकारी एवं सीटीएम डाॅ. सुभिता ढाका ने बताया कि बुधवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के लिए मथुरा व बागपत कलस्टर के प्रवासी श्रमिकों को लेकर झज्जर उपमंडल के तहत खंड मातनहेल से 5 रोडवेज बसें, साल्हावास से दो बसें व झज्जर से 2 बसें, बेरी उपमंडल से 3 बसें, बादली उपमंडल से दो बसें तथा बहादुरगढ़ से एक बस रवाना हुई। झज्जर में एसडीएम शिखा व बीडीपीओ रामफल, बेरी में एसडीएम डाॅ. राहुल नरवाल, बहादुरगढ़ में एसडीएम तरूण पावरिया, बादली से एसडीएम विशाल, मातनहेल से बीडीपीओ अजित सिंह व साल्हावास से बीडीपीओ निशा की मौजूदगी में प्रवासी श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच के बाद पानी की बोतल, बिस्कुट व मास्क देकर भेजा गया। 130 प्रवासी श्रमिकों को रोहतक रेलवे स्टेशन पर भेजा गया जहां से वे ट्रेन के माध्यम से गंतव्य की ओर रवाना हुए।