लंच पैक देकर रवाना किए प्रवासी, 25 रोडवेज की बसें 953 मजदूरों को लेकर बुलंदशहर गईं

  • डेरा राधास्वामी संस्था ने प्रवासियों को भोजन करवा किया विदा, अभी सात हजार के करीब मजदूर कर रहे अपनी बारी का इंतजार

डबवाली. लॉकडाउन लगने के बाद पिछले 50 दिनों से अपने ठिकानों पर खाली बैठे और घर जाने का इंतजार कर रहे 8 हजार मजदूरों के लिए राहत भरी खबर आई है। बुधवार की सुबह सिकंदरपुर के राधास्वामी डेरा से जिला प्रशासन ने 953 मजदूरों को रोडवेज की बसों में उनके अपने राज्य यूपी के लिए रवाना कर दिया है।
सुबह 5 बजे से रवाना हुए मजदूरों की पहले स्वास्थ्य जांच हुई। उसके बाद बस में चढ़ते समय तो उन्होंने सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए दो गज की दूरी बनाए रखी, मगर अंदर बैठने के बाद उन्होंने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। मजदूर एक दूसरे से सटकर एकसाथ बैठे नजर आए। हालांकि कुछ मजदूरों ने प्रशासन के नियमों अनुसार ही अपना स्थान ग्रहण किया।
यूपी के बुलंदशहर जिला के लिए रवाना हुए 953 मजदूरों में से 300 के करीब उनके बच्चों की संख्या थी। वापस अपने राज्य जाने की खुशी मजदूरों के चेहरे पर साफ झलक रही थी। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार का भी धन्यवाद किया। मजदूरों ने कहा कि लॉकडाउन में सब काम धंधा चौपटा हो गया है। इसलिए यहां रूककर वे क्या करें। अपने परिवार के पास जाना जरूरी है। जेब में पैसा भी नहीं रखा है।
अब खाने पीने को लेकर मुश्किलें आनी शुरू हो गई थी। हम सब तो पैदल ही जाने की तैयारी में थे, लेकिन अब प्रशासन ने बसों की व्यवस्था कर दी। इसलिए उनका धन्यवाद करते हैं। हमसे किराया भी नहीं लिया जा रहा है। फ्री में हम सब अपने राज्य जा रहे हैं। इस मौके पर डीएसपी राजेश चेची मौजूद रहे।

बसों में चढ़ते समय रखी दो गज की दूरी

बुधवार सुबह पांच बजे डेरा राधा स्वामी सिकंदरपुर से मजदूरों को बसों में चढाना शुरू किया। बसों में चढ़ते समय मजदूरों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष पूरा सोशल डिस्टेंस रखते हुए दो दो गज की दूरी बनाकर रखी। मगर बस में चढने के बाद खुद ही नियम तोड़ने शुरू कर दिए। जैसे जैसे बस चली वैसे ही वे एक दूसरे से चिपकर बैठने शुरू हो गए।

मजदूर बुलंदशहर से अपने अलग जिलों में जाएंगे

मंगलवार रात को डेरा राधा स्वामी में मजदूर रूके हुए थे। उसके बाद पराठें और आचार का लंच पैक करके सभी को दिया गया। ताकि दोपहर में भी वे भोजन कर सके। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक बुधवार रात तक बस बुलंदशहर पहुंचेगी। वहां से मजदूर अपने अलग अलग जिलों में जाएंगे। ये मजदूर कोई मिस्त्री के पास, कोई दुकान पर या फिर हलवाई और होटलों पर लगे हुए थे।

बिहार-एमपी के मजदूरों को ट्रेन से भेजा जाएगा

डीएसपी राजेश चेची ने बताया कि बुधवार को 953 लोग यूपी भेजे गए हैं। अभी भी 7 हजार के करीब लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा रखा है। जिनको अपनी बारी का इंतजार है। यूपी के मजदूरों को बस के जरिए ही भेजा जाएगा। जबकि बिहार और एमपी के मजदूरों को ट्रेन के जरिए भेजा जाएगा। इससे पहले ट्रेन से 51 मजदूर भेज जा चुके हैं। जिले में बिहार, एमपी और यूपी के ही ज्यादातर मजदूर हैं।

1508 मजदूरों का वापस आने के लिए रजिस्ट्रेशन

जिले में 1508 ने सिरसा में आने व 6737 ने सिरसा से बाहर जाने के लिए पंजीकरण करवाया है। प्रवासी श्रमिक ट्रेन के जिला प्रमुख बनाए गए वरिष्ठ भाजपा नेता रोहताश ने बताया कि 572 लोगों ने ट्रेन से सिरसा आने व 4657 ने ट्रेन से जाने के लिए, 295 ने बस से आने व 1454 ने बस से जाने और 510 ने प्राइवेट वाहन से आने व 439 ने प्राइवेट वाहन से जाने के लिए पंजीकरण करवाया है।