बाप-बेटा बदलकर लाते थे एटीएम कार्ड साला क्लोन बना करता था खाते खाली

रोहतक. एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर लोगों के अकाउंट से पैसे निकालने वाले गिरोह के तीन बदमाशों को काबू किया है। आरोपियों में दो हिसार के गांव खांडा खेड़ी के बाप-बेटा सुरेश और मुकेश हैं। तीसरा आरोपी रोहतक के करतारपुरा का सन्नी मुकेश का साला है। तीनों एमटीएम बूथ में लोगों से मदद के बहाने किसी प्रकार उनका एटीएम कार्ड बदल लेते और अपने पास मौजूद स्केनर से उस कार्ड को स्वाइप कर उसका डेटा चुरा लेते। बाद में इस डेटा से वो उस एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार करते और उक्त शख्स के अकाउंट से नकदी निकाल लेते। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया। जहां अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 17 एटीएम कार्ड, स्कैनर मशीन व 17 हजार रुपए की नकदी बरामद की है। आरोपियों ने शहर में हुई तीन वारदातों का खुलासा हुआ है। इसके अलावा आरोपी आसाम, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। सीआईए वन प्रभारी प्रवीन कुमार ने बताया कि सैनीपुरा निवासी कुसुम सैनी ने 26 नंवबर को थाना आर्यनगर पुलिस को शिकायत दी थी कि उसने गोहाना अड्डा स्थित एटीएम से 12 हजार रुपये निकाले थे। एटीएम बूथ में अंजान व्यक्ति ने पैसे निकालने में कुसुम की मद्द के बहाने एटीएम कार्ड स्कैनर में डालकर डिटेल हासिल कर ली। 27 नंवबर को अकाउंट से 22 हजार रुपये निकाल लिए । पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

लॉकडाउन में जीजा की दुकान हुई बंद तो साले ने सुझाया ठगी का रास्ता: पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मुकेश सन्नी का जीजा है। मुकेश की दिल्ली में मोबाइल फोन की दुकान है। लॉकडाउन में दुकान बंद होने के कारण घर का खर्च नहीं चल पा रहा था। मुकेश के पिता सुरेश ने अपने बेटे के साले सन्नी से पूछा कि तुम्हारा खर्च कैसे चल रहा है। सन्नी ने अपने मौसा को पैसे कमाने का जरिया बताया। इसके बाद दोनों बाप बेटे को स्केनिंग मशीन दिलवाई और वारदात को अंजाम देना शुरू किया।

वारदात का तरीकाः आरोपी युवक अपने हाथ में एक एटीएम कार्ड स्कैन मशीन रखते थे । एटीएम बूथ में खड़े रहते थे। एटीएम बूथ मे कोई व्यक्ति पैसे निकालने के लिए आता तो आरोपी मद्द करने के बहाने उसका एटीएम कार्ड अपने हाथ में ले लेते हाथ में ली हुई स्कैनर मशीन में कार्ड को स्कैन कर लेते , जिससे एटीएम कार्ड की डिटेल मशीन में सेव हो जाती। उसके बाद आरोपी एटीएम कार्ड को वापिस उसी व्यक्ति को दे देते। जब वह व्यक्ति पैसे निकालने के लिए अपने एटीएम कार्ड का पिन एटीएम मशीन में डालता तो पीछे खड़े होकर एटीएम पिन देख लेते। उसके बाद आरोपी दिल्ली से एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार करवाते। इसके बाद अलग-अलग जगह जाकर लोगों के खातों से पैसे निकाल लेते।