बच्चों को रिक्शा में बैठा अागरा जा रहे 12 परिवारों ने बहादुरगढ़ में ली शरण, बोले-अब यहीं करेंगे काम

बहादुरगढ़. कोविड-19 वैश्विक महामारी के इस दौर में रोजगार खो चुके परिवार पैदल तो कभी साइकिल अादि से यूपी व बिहार के लिए निकल चुके हैं पर बुधवार को खरखौदा से बहादुरगढ़ की तरफ से अागरा जाने के लिए केएमपी के साथ-साथ चल रहे 12 परिवारों ने बहादुरगढ़ में ही रहने का फैसला लिया है। यहां पहुंचने व परिवार को साथ लेकर निकलने पर अब इन परिवार के लोगो को पछतावा हो रहा है। इसी कारण स्थानीय लोगों के अाग्रह पर इन लोगों ने बहादुरगढ़ में रह कर यहीं काम की तलाश करने के साथ-साथ हरियाणा सरकार द्वारा जारी भोजन की व्यवस्था की जानकारी मिलने पर खरखौदा से बहादुरगढ़ की तरफ अपनी रिक्शा का मुह मोड़ दिया है। रोहतक से चले यह परिवार पैदल चल रहे थे व बच्चो को सामान के साथ एक रिक्शा पर बिठा दिया था। परिवार को दो युवक बार-बारी से रिक्शा को धक्का देकर नाहरा-नाहरी रोड की तरफ से बहादुरगढ़ की तरफ अा रहे थे। उनसे पूछा गया कि कहां जाना है तो बताया कि अागरा जाना है। इस पर स्थानीय लोगों ने बताया कि दिल्ली से अागे नहीं जा सकेंगे व छोटे छोटे बच्चो को लेकर परेशान नहीं हो झज्जर प्रशासन की तरफ से भोजन की व्यवस्था का दावा किया जा रहा है। इस पर हालात सामान्य होने तक इन 12 परिवारों ने बहादुरगढ़ में ही शरण लेने का फैसला किया व यहीं पर काम तलाशने की बात की है।

काेई भी व्यक्ति भूखा न रहे इसके लिए की जा रही व्यवस्था

डीसी जितेंद्र कुमार का कहना है कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत किए गए लॉकडाउन में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति अथवा परिवार भूखा न रहे इसके लिए उन्होंने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले की ओर से जारी किए गए निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि ऐसे परिवार अथवा व्यक्ति जिनके द्वारा गरीबी रेखा से नीचे अर्थात बीपीएल राशन कार्ड हेतू आवेदन किया हुआ है और वे जिला स्तरीय कमेटी द्वारा वैरिफाइड किए जा चुके हैं परंतु बीपीएल कार्ड अभी जारी नहीं हुआ है, साथ ही मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत जिनकों पूर्व में एपीएल कार्ड जारी किए गए थे, जिला प्रशासन द्वारा गठित लोकल कमेटी द्वारा किए गए सर्वे उपरांत चयनित परिवार, व्यक्तियों की सूची तथा मुख्यमंत्री ट्वीटर हैंडल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की सूची जो जिला प्रशासन से प्राप्त हुई है, की श्रेणियों के परिवारों अथवा व्यक्तियों को ही डिस्ट्रेस राशन टोकन जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को पूरी गंभीरता से कार्य करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

1194 क्विंटल 40 किग्रा गेहूं तथा 59 क्विंटल 70 किग्रा दाल मिली : जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक कुशलपाल बूरा ने बताया कि झज्जर जिला में विभिन्न योजनाओं के पात्र लोगों व परिवारों सहित अब तक विभागीय स्तर पर 11524 डिस्ट्रेस राशन टोकन की मैपिंग की जा चुकी है और विभाग की ओर से उन्हें 5972 डिस्ट्रेस राशन टोकन के माध्यम से 23,888 लोगों के लिए 1194 क्विंटल 40 किलोग्राम गेहूं तथा 59 क्विंटल 70 किलोग्राम दाल प्राप्त हुई है। उक्त प्राप्त राशन को विधानसभा अनुसार जरूरतमंद टोकन धारकों को राशन डिपो के माध्यम से निशुल्क राशन दिए जाने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। डिस्ट्रेस राशन टोकन का वितरण संबंधित एसडीएम की देखरेख में किया जाएगा। उसके उपरांत टोकन प्राप्त परिवार अथवा व्यक्ति राशन प्राप्त करते समय डिपोधारक को केवल डिस्ट्रेस राशन टोकन व आधार पहचान पत्र दिखाने पर राशन ले सकता है।

अब तक कुल 11,524 डिस्ट्रेस राशन टोकन दिए : कोई भी व्यक्ति लॉकडाउन की स्थिति में राशन बिना न रहे इसके लिए डिस्टे्रस राशन टोकन देते हुए जरूरतमंद लोगों को राशन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। झज्जर जिले में अब तक 5972 डिस्ट्रेस राशन टोकन के माध्यम से 23,888 व्यक्तियों को नि:शुल्क गेहूं व दाल पहुंचाने का सिलसिला शुरू हो गया है। साथ ही खाद्य एवं पूर्ति विभाग कार्यालय झज्जर की ओर से अब तक कुल 11,524 डिस्ट्रेस राशन टोकन की मैपिंग जिला की उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से हो चुकी है। गौरतलब है कि कोरोना वैश्विक महामारी से उत्पन्न हुई आपात स्थिति व लॉकडाउन की वजह से जरूरतमंद लोगों सहित प्रवासी श्रमिकों को मई व जून माह 2020 के लिए डिस्ट्रेस राशन टोकन जारी किए जा रहे हैं। इन टोकन के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों व व्यक्तियों को 5 किलोग्राम गेहूं प्रति व्यक्ति तथा एक किलोग्राम दाल प्रति परिवार प्रति माह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।