पीजी फायर केस : बिल्डिंग के मालिक गौरव अनेजा की जमानत याचिका खारिज, तीन लड़कियों की हुई थी मौत

  • 27 फरवरी को चंडीगढ़ पुलिस ने गौरव को गिरफ्तार किया था,वह तब से जेल में ही है
  • पीजी के लिए गौरव अनेजा ने नितेश बंसल और नितीश पोपली को किराए पर दे रखी थी बिल्डिंग

चंडीगढ़. चंडीगढ़ सेक्टर 32 के पीजी में लगी आग के मामले में गुरुवार को चंडीगढ़ जिला अदालत ने बिल्डिंग के मालिक गौरव अनेजा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। फरवरी महीने में हुई इस घटना में तीन लड़कियों की मौत हो गई थी,जिसके बाद 27 फरवरी को चंडीगढ़ पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक को गिरफ्तार कर लिया था। वह तब से जेल में ही है।

तीन साल के लिए लीज पर दी थी बिल्डिंग

गौरव अनेजा के वकील एएस गुजराल ने बताया कि इस हादसे में गौरव का कोई रोल नहीं था।उन्होंने अपनी बिल्डिंग पीजी के लिए नितेश बंसल और नितीश पोपली को किराए पर दे रखी थी। इन दोनों ने आगे बिल्डिंग बिल्डिंग में कई वायलेशन कर अवैध तौर पर पीजी बना रखे थे। एडवोकेट गुजराल ने बताया कि यह बिल्डिंग उन्होंने 3 साल के लिए लीज पर दी थी और एग्रीमेंट में साफ लिखा था कि अगर बिल्डिंग में किसी तरह की वायलेशन की गई तो इसके लिए वे खुद जिम्मेदार होंगे। एडवोकेट गुजराल ने कहा कि गौरव अनेजा पिछले 3 महीने से जेल में है और अब इस केस में चार्जशीट भी फाइल हो चुकी है। लिहाजा उन्हें और जेल में रखने की जरूरत नहीं है। लेकिन जज ने उनकी दलीलों को मंजूर नहीं किया और गौरव अनेजा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

घटना में हुई थी तीन लड़कियों की मौत

इस आग की घटना में तीन लड़कियों की मौत हो गई थी। उनमें पंजाब की पाक्षी, रिया और हिसार हरियाणा की मुस्कान थी यह तीनों ही लड़कियां यहां पढ़ाई करने के लिए आई हुई थीं। जिस बिल्डिंग में आग लगी थी,वहां अवैध तौर पर पीजी चल रहा था और कई लड़कियां यहां छोटे-छोटे कमरों में रह रही थीं। इस हादसे में एक लड़की ने छत से कूदकर जान बचाई थी। इस घटना ने चंडीगढ़ प्रशासन को पूरी तरह से हिला कर रख दिया था जिसके बाद प्रशासन ने कई अवैध पीजी सील किए थे।