पांच माह से मानदेय न मिलने पर विभाग के खिलाफ आंगनबाड़ी वर्कर्स ने की नारेबाजी

फतेहाबाद. महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर को 5 माह से वेतन जारी नहीं किया गया है। जिससे गुरुवार को आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्परों ने पिछले 5 माह से मानदेय देने के लिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उनकी सुनवाई नहीं होने पर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष जाहिर किया।
आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर पूजा रानी, सीमा रानी, कर्मजीत कौर, सीमा रानी, परमजीत कौर, रिंपी, सुखपाल, बलजीत व अन्य ने बताया कि उन्हें पिछले 5 माह से विभाग की ओर से मानदेय नहीं दिया गया। जिसके चलते उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान विभाग की एडवाइजरी के तहत आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों को घर में राशन देने का प्रावधान किया हुआ है जिसमें 15 दिन का राशन बच्चों को आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर घर पर पहुंचा रही है। उन्‍होंने विभाग से बच्चों को आधे माह के बजाए एक माह का राशन वितरित किए जाने तथा उन्हें सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जाने की मांग की है ताकि उन्हें राशन वितरित करने में परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि इस महामारी के दौरान वर्करों व हेल्परों से सर्वे करवाया जा रहा है जिसमें उनके पास फेस मास्क, सेनेटाइजर, दस्ताने व अन्य सुरक्षा किट उपलब्ध करवाए जाने की मांग की है। महिला एवं बाल विकास विभाग में वर्करों व हेल्परों ने मानदेय न मिलने पर ज्ञापन देने पहुंची परंतु मौके पर किसी अधिकारी द्वारा सुध नहीं ली। जिसके बाद ज्ञापन न लिए जाने पर आधा घंटा धूप में खड़ी रही महिलाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। नाराज वर्करों व हेल्परों के नारेबाजी करने पर असिस्टेंट ओमप्रकाश ने ज्ञापन लिया और उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मानदेय की समस्या होने का दावा किया। असिस्टेंट ने वर्करों को दो दिन में रुका हुआ मानदेय खाते में भेजने का आश्वासन दिया है।