निगेटिव मरीजों को पॉजिटिव बताने वाली एसआरएल लैब की रिपोर्ट जांच में मिली गलत, स्वास्थ्य मंत्री बोले कार्रवाई करेंगे

  • अनिल विज ने कहा कि कोरोना मे किसी की रिपोर्ट गलत आना बहुत घातक सिद्ध हो सकता है
  • इस मामले मे आईसीएमआर को भी लिखेंगे कि वो इस लैब के खिलाफ कार्रवाई करे

पानीपत/चंडीगढ़. हरियाणा सरकार द्वारा कोरोना टेस्ट के लिए अधिकृत की गई प्राइवेट लैब एसआरएल की रिपोर्ट गलत थी। यह जांच में पाया गया है। इसकी पुष्टि हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने की है। उन्होंने कहा कि जांच कमेटी ने रिपोर्ट दी है कि एसआरएल लैब द्वारा जो टेस्ट किए जा रहे थे उनकी रिपोर्ट गलत थी। बता दें कि इस लैब ने चार निगेटिव मरीजों को पॉजिटिव बताया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस लैब पर बैन लगाते हुए जांच बैठा दी थी।

इस मामले पर जानकारी देते हुए हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि कोरोना मे किसी की रिपोर्ट गलत आना बहुत घातक सिद्ध हो सकता है। किसी को कोरोना नहीं और उसे कोरोना पॉजिटिव करार दे दो तो वह कुछ भी कर सकता है। इसलिए इस मामले को हम बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो एमओयू एसआरएल के साथ हुआ था उसका अध्यन कर रहे हैं, उसमें जो कार्रवाई के प्रावधान है उसके तहत हम कार्रवाई करेंगे। अनिल विज ने कहा कि इस मामले मे आईसीएमआर को भी लिखेंगे कि वो इस लैब के खिलाफ कार्रवाई करें।

ये था पूरा मामला

हरियाणा में कोरोना टेस्ट की संख्या बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के आदेशानुसार चार प्राइवेट लैब को टेस्ट की अनुमति दी गई थी। इसमें एसआरएल लैब भी शामिल थी। इस लैब में अम्बाला की स्टाफ नर्स का सैंपल भेजा गया था, जिसे पॉजिटिव बताया था। फिर उन्होंने इसी नर्स का सैंपल कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल और भगत फूल सिंह मेडिकल कॉलेज खानपुर भेजा तो वहां की रिपोर्ट निगेटिव आई।

इसके बाद अम्बाला के शहजादपुर गांव के तीन मरीजों की रिपोर्ट भेजी गई तो वह पॉजिटिव बताई गई लेकिन दूसरी लैब में वे भी निगेटिव निकले। इसके बाद लैब पर बैन लगा दिया गया था।