गोयला कलां के ईंट भट्ठे से 22 मजदूरों को प्रशासन ने भेजा घर

  • मजदूराें ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति अायाेग दिल्ली में बंधक बनाने की दी थी शिकायत, जांच में मामला झूठा निकला

बहादुरगढ़. बादली गोयला कला रोड पर स्थित कपिल ईंट भट्ठे पर 22 प्रवासी मजदूर बंधक होने की सूचना पर बादली उपमंडल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सभी मजदूरों को भट्ठे से उनके घरों के लिए रवाना किया। मामले में प्रशासन के सम्मुख बंधक बनाने जैसा कोई मामला सामने नहीं आया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार प्रभु दयाल ने भट्ठे पर पहुंचकर मामले की जांच की। मजदूरों से पूछताछ की। प्रवासी मजदूरों से पूछताछ में उन्हें बंधक बनाने जैसे कोई बात सामने नहीं आई। मजदूरों ने कहा कि हमारा हिसाब-किताब भट्ठा मालिक नहीं कर रहा। भट्टे पर जब मालिक को बुलाया गया तो मजदूरों की बात गलत निकली। मामले में प्रवासी मजदूरों ने 11 मई को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली में शिकायत की थी। शिकायत में बादली में भट्ठा मालिक कुलदीप गांव बादली के खिलाफ शिकायत दी गई और मजदूरों को बंधक बनाएं जाने की शिकायत की। शिकायत पर उपायुक्त झज्जर ने कार्रवाई करते हुए प्रशासन द्वारा 13 मई को उपरोक्त बंधुआ मजदूरों को घर भेजने के आदेश दिए गए। मजदूर गुड्डू निवासी सिंह गांव दलनपुर, गुन्नौर ने अपनी शिकायत में बताया कि चार पुरुष, 4 महिला, 14 बच्चों को बंधक बनाया गया है।

सभी मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच की : नायब तहसीलदार ड्यूटी मजिस्ट्रेट प्रभुदयाल मौके पर पहुंचे तो ऐसा कुछ नहीं पाया गया। उन्होंने अपनी देखरेख में प्रवासी मजदूरों को घर भेजने का कार्य शुरू किया गया। इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी मजदूरों का मेडिकल टेस्ट किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्लीन चिट मिलने के बाद सबको उनके घरों के लिए रवाना कर दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार प्रभु दयाल का कहना है कि 22 प्रवासी मजदूरों को घर भेज दिया गया है, जिनका स्वास्थ्य ठीक था। जिला उपायुक्त के आदेशों पर कार्रवाई करते हुए प्रवासी मजदूरों को घर भेजा गया है।