केवल फैक्ट्रियाें काे चलाने से क्या हाेगा, जब तैयार सामान बाजार में ही नहीं पहुंच पाएगा

  • उद्योगों को कच्चा माल या अन्य सेवाएं उपलब्ध करवाने वाली दुकानों व प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति की मांग की

बहादुरगढ़. लॉकडाउन में उद्योग चलाने के आदेश के बावजूद अधिक राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही। इसके पीछे कारण है कि उद्योगपतियों ने फैक्ट्रियों में सामान तैयार कर दिया। वह बाजार तक पहुंच नहीं पाएगा, वहां से अार्डर नहीं अाएगा, पुरानी पेमंेट नहीं मिलेगी व रॉ मेटिरियल नहीं पहंचेगा तो फैक्ट्री संचालक केवल फैक्ट्री चलाने की अाज्ञा लेकर क्या करेगा। इसके लिए फैक्ट्री व बाजार तक एक साइकिल होती है। जब साइकिल चलती है तो जाकर फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू होता है। जब तक उद्योगपतियों सहित श्रमिकों की मूवमेंट का दायरा नहीं बढ़ेगा तब तक परेशानी ज्यों की त्यों बनी रहेगी। इस कारण बहादुरगढ़ के उद्योगपतियों ने बार-बार सरकार से मांग की है कि इस मूवमेंट संबंधी अनुमति का दायरा बढ़ाया जाए और इसे विशेषकर दिल्ली के लिए अधिकृत किया जाए। साथ ही उन दुकानों व प्रतिष्ठानों को भी खोलने की अनुमति देने का आग्रह किया गया है जो उद्योगों को कच्चा मॉल या अन्य सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इस संबंध में नेताअो व अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस मीटिग में आग्रह किया गया है कि मूवमेंट के लिए दूसरे प्रदेशों में जाने की अनुमति भी दी जानी चाहिए और कुछ मूवमेंट पास जारी किए जाने चाहिए ताकि सीमित संख्या में लोग आवाजाही कर सकें। इसके बिना उद्योग व व्यापार को चला पाना संभव नहीं हो रहा है। जिस प्रकार सरकार ने लॉकडाउन के दौरान आर्थिक गतिविधियों को गति देने की प्रक्रिया आरंभ की है, वह सराहनीय है परंतु इसका थोड़ा सा और विस्तार किया जाना चाहिए ताकि इसका लाभ सभी वर्गों को मिल सके।

उद्योगों के लिए ट्रांसपोटेशन सिस्टम अहम हिस्सा :

गणपति धाम अौद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन के सदस्य नवीन मल्होत्रा का कहना है कि दूसरे राज्य में आवागमन बंद है। उद्योगों का ट्रांसपोटेशन सिस्टम अहम हिस्सा है, जब वह ही नहीं खुल रहा तो क्या राहत मिलेगी। बाजार में हार्डवेयर की दुकानें बंद हैं, कच्चा माल मिल नहीं रहा, तैयार माल को कहां बेचेंगे। ऐसी बहुत सारी दिक्कतें हैं जो इस समय उद्योगपतियों को सहनी पड़ रही हैं। जब तक इनका समाधान नहीं हो जाता, कोई भी उद्योग ठीक प्रकार से नहीं चल सकता। बीसीसीअाई के उपप्रधान नरेंद्र छिक्कारा ने कहा कि छोटी वर्कशाप से लेकर बड़ी फैक्ट्री सहित उद्योगों के सप्लाई की पूरी साइकिल चेन खुलेगी तभी राहत मिलेगी। उद्योग चलाने के लिए जूतों के अपर के नट-बोल्ट से लेकर बड़े-बड़े उपकरण की जरूरत होती है। मार्केट खुल नहीं रही, ऐसे में कैसे काम चलेगा। फैक्ट्रियों में काफी स्टाफ दूसरे जिलों व राज्यों से भी आता-जाता है, इसे अनुमति नहीं मिल रही है। जब तक इस तरह की रुकावटें सामने आती रहेंगी, उद्योग ठीक प्रकार से नहीं चल सकते। इसलिए सरकार से आग्रह है कि वह इन परेशानियों की ओर ध्यान दे और जल्द समाधान करे।

जिले में करीब 1300 फैक्ट्रियाें काे चलाने की अनुमति मिली

जिले में करीब 1300 फैक्ट्रियों को चलाने की इजाजत दी है। प्रयास है कि जल्द ही सभी व्यवस्था पटरी पर अा जाएगी। लोगों के सहयोग से यह संभव हो जाएगा। इसके लिए सरकार की गाइडलाइन के अनुसार उद्योगों को चलाने की अनुमति दी गई है। कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से अन्य राज्यों व दिल्ली से आवागमन की अनुमति अभी नहीं है। भीड़भाड़ अधिक होगी, इसलिए अभी इसे खोलने की अनुमति नहीं है। लॉकडाउन के तहत लगाई गई पाबंदियां जनहित में हैं।
जितेंद्र सिंह दहिया, डीसी झज्जर।