एसडीएम व डीएसपी कोरोना वॉरियर्स की भूमिका में, 4 साल का बेटा पार्थ पूछता है-मेरा स्कूल ऑफ है ताे आपकी छुट्टी क्याें नहीं

  • नाना-नानी के पास कई बार यह कहकर खाना नहीं खाता कि मम्मा-पापा आएंगे तभी खाऊंगा

अम्बाला. अम्बाला सिटी की एसडीएम गौरी मिड्ढा और उनके पति डीएसपी मुनीष सहगल दोनों ही कोरोना वॉरियर्स की भूमिका में हैं। कोरोना संकट के दौर में व्यस्तताएं इतनी बढ़ गई हैं कि 4 साल के बेटे पार्थ सहगल काे भी पूरा समय नहीं दे पा रहे। सुबह घर से ड्यूटी पर अाने की टाइमिंग ताे है, लेकिन घर जाने की नहीं। पार्थ सहगल नाना-नानी के घर में उन्हें ढूंढता रहता है। कई बार तो खाना नहीं खाता। कहता है कि जब मम्मी-पापा अाएंगे, तभी खाना खाऊंगा। कई बार ताे राेने से चुप नहीं हाेता ताे वीडियाे काॅल कर समझाते हैं। मुनीष सहगल के पास ट्रैफिक डीएसपी का एडिशनल चार्ज है। वहीं गौरी जीएम रोडवेज के अलावा एसडीएम का एडिशनल चार्ज संभाल रही हैं।

मैं कई-कई दिन बेटे से मिल नहीं पाता: डीएसपी
सुबह गाैरी और मैं ड्यूटी पर निकल जाते हैं। दाेनाें का फील्ड वर्क ज्यादा रहता है। काेराेना के कारण ड्यूटी टाइमिंग ज्यादा बढ़ गई है। कई बार घर जाते-जाते अंधेरा हाे जाता है। 4 साल का पार्थ सिटी में विवेक विहार में ही अपने नाना-नानी के पास रहता है। अभी नर्सरी से एलकेजी में हाेना है। पार्थ घर अकेला हाेने से दिनभर हम दाेनाें काे ढूंढता रहता है। जब उसे हम नहीं दिखते ताे राेते हुए वीडियाे काॅल करता है। सबसे ज्यादा वीडियाे काॅल अपनी मम्मी काे करता है। मुझे भी करता है, लेकिन सबसे ज्यादा मम्मी काे ही मिस करता है। पार्थ के नाना-नानी काॅल कर बताते हैं कि वह खाना नहीं खा रहा। बाेलता है कि जब मम्मी-पापा आएंगे तभी खाऊंगा। कई बार ताे हमसे पूछता है कि मेरा स्कूल अाॅफ है ताे आपके ऑफिस क्याें खुले हुए हैं। आपकी छुट्टी क्याें नहीं है। पार्थ की मम्मा ताे उनसे पहले घर चली जाती हैं। वह भी पार्थ के पास नहाने और सेनिटाइज हाेने के बाद ही जाती हैं। मेरे घर जाने की काेई टाइमिंग नहीं है। कई बार प्रवासी मजदूराें या कहीं भीड़ वाली जगह पर जाना पड़ता है ताे वह अपने बेटे के पास भी नहीं जा पाते। मेरे एरिया में थाना सदर और बलदेव नगर भी अाता हैं। ट्रैफिक का भी चार्ज है। अगर काेई मर्डर, स्नेचिंग या काेई अन्य मामला अा जाता है ताे उन्हें घर जाते-जाते अाधी रात हाे जाती है, इसलिए वह घर की एक चाबी अपने पास रखते हैं ताे रात काे उनके घर जाने से काेई डिस्टर्ब न हाे। कई बार पार्थ काे वह 4-5 दिन तक भी नहीं मिल पाते। सुबह जब वह ड्यूटी अाते हैं ताे वह साे रहा हाेता है और जब वह रात काे घर जाते हैं ताे वह साे जाता है।