600 से ज्यादा शिक्षक हर रोज 13 हजार बच्चों से ले रहे ई-लर्निंग फीडबैक

  • अब स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने पर फोकस, वेबेक्स के माध्यम से डीपीसी मुकेश ने ऑनलाइन बैठक में दिए जरूरी निर्देश
  • पढ़ाई के साथ ही जॉयफुल एक्टिविटी का भी कराएं आयोजन

रेवाड़ी. स्कूलों में चल रही ई-लर्निंग पढ़ाई व अन्य गतिविधियों की फीडबैक के लिए जिला परियोजना संयोजक मुकेश कुमार की अध्यक्षता में वेबेक्स के माध्यम से जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारी, मौलिक शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य-सह-कलस्टर मुखिया, आईईडी प्राचार्य एवं जिले में कार्यरत विशेष अध्यापक, खंड स्तर पर कार्यरत लेखा सहायक व प्रदीप कुमार उपाधीक्षक के साथ सभी डीपीसी कार्यालय स्टाफ की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें विशेष रूप से सरकार द्वारा ई-लर्निंग, काउंसलिंग, एजुसेट व डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम व घर से पढ़ाओ कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट बारे चर्चा की गई। इसमें कई बिंदुओं पर मंथन किया गया। इस बैठक में विवेक कुमार लेखा सहायक व डॉ. कमल सिंह ने विशेष सहयोग किया।
इन प्वाइंट्स पर खास फोकस

  • डीपीसी ने सभी मुखियाओं को राजकीय विद्यालयों में लगभग 3000 से 5000 तक छात्र संख्या बढ़ाने पर जोर दिया तथा जिन विद्यालयों में इस बार छात्र संख्या बढ़ी है, उनका उत्साह बढ़ाया।
  • ऑनलाईन प्रक्रिया के तहत अधिक से अधिक दाखिला कराए जाए, जिसमें कि मुख्य रूप से खंडों के अनेक विद्यालयों ने ई-पम्पलेट, ई-एडमिशन डेस्क एवं अन्य माध्यम से अपने राजकीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए जागरूक किया जा रहा है जो कि सराहनीय है। अब सरकारी विद्यालयों के प्रति अभिभावकों की रूचि बढ़ी है, क्योंकि ई-लर्निंग के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में शिक्षा देने वाला हरियाणा पहला राज्य है।
  • ई-लर्निंग के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा मुहैया करवाए जाने पर भी खास फोकस किया। जिसमें जिन विद्यार्थियों के पास मोबाइल या टीवी जैसे साधन उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे छात्रों के लिए अध्यापकों से विशेष ध्यान रखने व घर पर ही नोट्स उपलब्ध कराने पर भी बल दिया।
  • पढाई के साथ-साथ आगामी सप्ताहों के लिए जॉयफुल एक्टिवटी के लिए निबंध प्रतियोगिता, ड्राइंग एवं पेंटिंग कंपीटीशन, सोलो सोंग कंपीटीशन व सोलो डांस कंपीटीशन जैसे कार्यक्रम विद्यालय स्तर पर करवाएं।
  • सभी विद्यालय प्रभारी, एबीआरसी, बीआरपी, बीईओ व बीईईओ एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की ओर से लगभग 13000 छात्रों से प्रतिदिन फोन द्वारा फीडबैक लिया जाता है एवं उनकी कठिनाईयों को दूर किया जाता है। साथ ही यह सूची रोजाना पंचकुला मुख्यालय को भी भेजी जा रही है।
  • विशेष अध्यापकों द्वारा भी दिव्यंाग छात्रों को ई-लर्निंग के माध्यम से प्रदान की जाने वाले शिक्षा को सराहा।