यूपी के 228 मजदूरों को 9 रोडवेज बसों में भेजा, बिहार के श्रमिकों के लिए ट्रेन की मांग

  • जाने से पहले सभी की हुई स्क्रीनिंग, नाश्ता करवा कर दी पानी की बोतलें

फतेहाबाद. कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते किए गए लॉकडाउन में यहां फंसे उत्तरप्रदेश के 228 श्रमिकों को बुधवार को उनके राज्य के लिए रवाना कर दिया गया। इन्हें छोड़ने के लिए रोडवेज की 9 बसों को भेजा गया है। वहीं बिहार के अधिक प्रवासी श्रमिक होने के चलते जिला प्रशासन ने रेलवे से बिहार के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की है ताकि फतेहाबाद में रह रहे बिहार के अधिकतर श्रमिकों को एक साथ उनके राज्य में भेजा जा सके। इसके लिए प्रशासन ने रेलवे को पत्र लिखा है कि केवल फतेहाबाद में रह रहे बिहार के श्रमिकों के लिए हिसार रेलवे स्टेशन से एक स्पेशल ट्रेन भेजी जाए।
यहां बता दें कि जिले में बिहार के 4 हजार प्रवासी श्रमिक रह रहे हैं जो वापस जाएंगे। रेलवे की मंजूरी मिलने के बाद जिला प्रशासन बिहार के श्रमिकों काे हिसार रेलवे स्टेशन तक छोड़कर आएगा। जिले में रह रहे यूपी के सभी श्रमिकों को प्रशासन रोडवेज की बसों से उनके राज्य में छोड़कर आ रहा है।
बुलंदशहर तक छाेड़कर आएंगी बसें : बुधवार को भेजे गए सभी 228 श्रमिकों की हिसार रोड स्थित राधा स्वामी सत्संग घर में थर्मल स्कीनिंग की गई। इसके बाद सभी श्रमिकों को नाश्ता करवाया गया तथा बसों में भी उन्हें पानी की बोतलें दी गई। यहां बता दें कि यूपी में भेजे गए इन लोगों को बसें बुलंदशहर तक छोड़कर आएंगे।

नहीं आ सके फिलीपिंस से आए 7 नागरिक : मंगलवार की रात को प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए थे कि विदेश से दिल्ली एयरपोर्ट पर आए जिले के लोगों को तभी दिल्ली से लाने के लिए बसें भेजी जाएं जब उनकी संख्या 30 या इससे अधिक हो। जिले के 7 नागरिक फिलिपींस से दिल्ली पहुंच चुके हैं लेकिन जब तक अन्य देशों से जिले के कुल 30 नागरिक आते तब तक उन्हें वहीं रहना होगा।
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते स्वास्थ्य विभाग की टीम विभिन्न गांव में मेडिकल कैंप आयोजित कर लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जांच कर रही है। विभाग ने कैंप लगाने के लिए मोबाइल टीमें गठित की हुई है। इन टीमों के आने-जाने की व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रोडवेज की 9 मिनी बसें हायर की हुई हैं। इन बसों से ही विभाग की टीम विभिन्न गांवों में जाकर लोगों की जांच करती है तथा संदिग्ध पाए जाने पर उनके सैंपल लिए जाते हैं।

बिहार के लिए रेलवे से मांगी है स्पेशल ट्रेन: एसडीएम
श्रमिकों को यूपी में छोड़ने के लिए बुधवार को रोडवेज की 9 बसें भेजी गई हैं। वापस आने के बाद चालकों व परिचालकों की स्क्रीनिंग करवाई जाएगी।'' -आरएस पूनिया, जीएम रोडवेज विभाग।^बुधवार को यूपी के 228 लोगों को भेज दिया गया है। बिहार के लोगों को उनके राज्य तक पहुंचाने के लिए हमनें रेलवे से स्पेशल ट्रेन की मांग की है। इसके बाद बिहार के सभी नागरिकों को भेज दिया जाएगा। विदेश से आने वालों की संख्या 30 होने पर उन्हें दिल्ली से यहां लाएंगे।'' -संजय बिश्नोई, एसडीएम, फतेहाबाद।