पानीपत, सिरसा, अम्बाला और गुड़गांव के जिला अस्पतालों में लैब खोलने का प्रस्ताव भेजा, एसआरएल लैब के खिलाफ कार्रवाई तय

  • गुड़गांव की एसआरएल लैब में नहीं होगी जांच, प्रदेश में अभी एक दिन में 4190 सैंपल की जांच की क्षमता

पानीपत. (मनोज कुमार) प्रदेश में कोरोना मरीजों की जांच की गति अब और बढ़ाई जाएगी। इसके लिए प्रदेश में चार जिला अस्पतालों में और टेस्टिंग लैब खोलने की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिरसा, पानीपत, अंबाला और गुड़गांव जिला अस्पतालों के लिए आईसीएमआर को प्रस्ताव भेजा गया है।
राज्य में पिछले करीब 10 दिन से 2500 से 3 हजार सैंपल हर रोज लिए जा रहे हैं। इसके बाद कोरोना मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। अब राज्य सरकार चार जिला अस्पतालों में और लैब खोलना चाहती है। राज्य में फिलहाल 11 लैब में कोरोना सैंपलों की जांच हो रही है, जबकि चंडीगढ़ पीजीआई और मोहाली भी सैंपल भेजे जा रहे हैं। इस वक्त हरियाणा के पास 4190 सैंपल एक दिन में कराए जाने की क्षमता है। प्रदेश में इस वक्त प्रति मिलियन 2400 से ज्यादा लोगों की जांच हो रही है। इधर, गुड़गांव की प्राइवेट एसआरएल लैब के सैंपलों की जांच को लेकर चल रहे संदेह से पर्दा उठ गया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की ओर से गठित की गई पांच एक्सपर्ट की कमेटी ने रिपोर्ट दे दी है। कमेटी की ओर से रोहतक पीजीआई से एक और सैंपल की जांच कराई तो वह भी निगेटिव आया है। जिन मरीजों को एसआरएल लैब ने पॉजिटिव बताया था, उनकी बाद के तीन सैंपलों में रिपोर्ट निगेटिव आई है। ऐसे में अब जल्द ही लैब के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अभी कहां-कितने सैंपल की जांच
पीजीआई रोहतक में हर दिन 600, बीपीएस खानपुर कलां में 400, ईएसआई मेडिकल कॉलेज फरीदाबाद में 300 और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल में प्रतिदिन 250 सैंपल की जांच की क्षमता है। एनआरसीई हिसार में 160 सैंपलों की जांच की क्षमता है। इसके अलावा पीजीआई चंडीगढ़ से 50, सीएसआईआर मोहाली से 200 और पंचकूला सिविल अस्पताल में 80 सैंपलों की जांच हो रही है। इनके अलावा गुड़गांव की पांच प्राइवेट लैब में भी जांच हो रही है। इनकी क्षमता 2150 सैंपल जांचने की है।
5 एक्सपर्ट की टीम ने एसआरएल की जांच कर सौंपी रिपोर्ट
गुड़गांव की एसआरएल लैब ने अम्बाला के चार और गुड़गांव के सात मरीजों को पॉजिटिव बताया था। इसके बाद जब स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन मरीजों की दो जांच कराई तो उसमें रिपोर्ट निगेटिव आई। इसी प्रकार कुछ अन्य मामलों में भी रिपोर्ट भिन्न थी। इसके बाद पांच सदस्यीय एक्सपर्ट की कमेटी बनी, जिसमें लैब का पूरा रिकॉर्ड देखा और निर्णय हुआ कि एम्स से एक और जांच कराई जाए, लेकिन वहां से सैंपल की जांच करने से इनकार कर दिया गया। ऐसे में रोहतक पीजीआई से तीसरी जांच कराई, जिसमें भी रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब जल्द ही लैब से सरकार के एमओयू का अध्ययन कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।