धान पाबंदी पर किसान संगठन विरोध में उतरे, बोले- सरकार भूना शुगर मिल चलाए तो नहीं लगाएंगे धान

  • रतिया विधायक ने किसानों से धान कम लगाने की अपील की, किसान बाेले- भूमि सख्त, नहीं हाे सकती कपास की फसल

फतेहाबाद. धान लगाने पर पाबंदी के बाद जहां किसान संगठन अाैर राजनेता इसका विरोध कर रहे है वहीं सरकार के प्रतिनिधि इसे सही बता रहे हैं। वहीं कुछ जगह इसके नुकसान भी सामने आने लगे हैं। पंचायती भूमि पर धान की रोपाई ना किए जाने के आदेश के चलते किसान कहीं घाटे में तो कहीं मुनाफे पर ठेका पर ले दे रहे हैं। घासवा के किसानों भी धान पाबंदी का विरोध करते हुए कहा है कि सरकार भूना शुगर मिल चालू करे तो धान की जगह गन्ना लगाने को तैयार हैं।
किसानों ने कहा कि सरकार ने 50 फीसदी भूमि पर इस बार धान न लगाने के आदेश जारी किए हैं, लेकिन हम उससे कहीं ज्यादा जगह पर धान न लगाने के लिए तैयार है। सरकार पहले भूना शुगर मिल को चालू करे। यह निर्णय किसान विरोधी निर्णय है। सरकार को इस फैसले को वापस लेना चाहिए।

गांव घासवा के किसानों की बैठक बुधवार को गांव के राजकीय स्कूल में हुई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व सरपंच तरसेम सिंह ने की। बैठक में किसानों ने प्रदेश सरकार द्वारा धान की रोपाई पर लगाई गई रोक के मुद्दे पर चर्चा की। पूर्व सरपंच तरसेम सिंह, कुलदीप सिंह, कुलविंद्र सिंह, कर्मजीत सिंह, हरनेंद्र सिंह, गुरनाम सिंह, बलकार सिंह, अमरजीत सिंह ने कहा कि उनके गांव की भूमि सख्त है। इस जगह पर नरमा व कपास की फसल नहीं हो सकती। जमीन धान व गन्ने की फसल के ही अनुकूल है। सरकार भूना शुगर मिल शुरु करती है तो वे धान की फसल की जगह गन्ना की फसल लगाने को तैयार है। सरकार किसानों की अन्य फसलों का भी न्यूनतम मूल्य दे। सरपंच गुरदीप सिंह ने बताया कि किसानों ने बैठक कर गन्ना की फसल लगाने की सहमति जताई है लेकिन पहले सरकार को भूना शुगर मिल को चालू करना पड़ेगा। तो फिर किसान धान नहीं लगाएंगे।