टैक्सी चालक ने पिता की चार बार मौत दिखा यूपी से हैदराबाद तक ढोई सवारी

  • रोहतक का टैक्सी चालक 7 बार ले जा चुका सवारियां, ऐसे ही मौत के नाम पर यात्रा करने वाले 4 और लोगों की होगी जांच

रोहतक. (रत्न पंवार) लाॅकडाउन के दौरान मूवमेंट पास में फर्जीवाड़ा सामने आया है। रोहतक के टैक्सी चालक सुंदर ने पिता की चार बार मौत दिखा कुल 17 बार मूवमेंट पास बनवाने के लिए आवेदन किया। उसने मां, दादा, ससुर और बहन आदि रिश्तेदारों की मौत को कारण दिखाया। सात बार वह हरियाणा ही नहीं यूपी और हैदराबाद तक सवारियों को लेकर गया। पास बनवाने के लिए 600 रुपए अलग से लेता है। पास बनवाने वाला कभी आधार कार्ड अलग डालता है तो कभी मोबाइल नंबर। दैनिक भास्कर ने पड़ताल की तो पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं। रिपोर्टर ने जब इस चालक से टैक्सी बुक की गई तो मात्र 600 रुपए अतिरिक्त में मूवमेंट पास बनवाने के लिए यह राजी हो गया। 9 की जगह 12 रुपए प्रति किमी किराया मांगा। टोल टैक्स अलग से। ऐसे ही अमित नाम का व्यक्ति पास लेकर यूपी और बिहार गया। बसंत फरीदाबाद व पलवल गया। सुमित बहादुरगढ़ व दिल्ली गया। सभी ने रिश्तेदारों की मौत को ही वजह बताया। सभी की जांच होगी ऐसे कितने लोग हैं जिन्होंने फर्जी तरीके से पास लिए हैं। बिना सावधानी के इस तरह दूर-दूर प्रदेश में जाना काेरोना को निमंत्रण दे सकता है।
टैक्सी चालक की रिपोर्टर के साथ बातचीत

रिपोर्टर : भाई सुंदर! आगरा जाना है।
टैक्सी चालक : हां चले पड़ेंगे।
रिपोर्टर : 4 बच्चों को लेकर आना है। टैक्सी चालक : छह बंदे अलाउड नहीं हैं। इसकी परमिशन लेनी पड़ेगी।
रिपोर्टर : भाई परमिशन तो नहीं मिली।
टैक्सी चालक : कोई बात नहीं परमिशन मिल जाएगी। 600 रु. अलग देने पड़ेंगे।
रिपोर्टर : पैसे की तो कोई बात नहीं, काम होना चाहिए।
टैक्सी चालक : कल याद दिला देना, मैं अप्लाई कर दूंगा। आजकल कोई काम बिना पैसे दिए नहीं होता।
रिपोर्टर : सफर का खर्चा कितना लगेगा?
टैक्सी चालक : भाई 12 रुपए किमी लगेंगे और टोल टैक्स अलग देना पड़ेगा।
रिपोर्टर : और तो कुछ नहीं चाहिए।
टैक्सी चालक : बस बच्चों के आधार कार्ड के फोटो मोबाइल पर भेज देना।

23 दिन में चार बार पिता को कागजों में मारा
टैक्सी चालक सुंदरलाल ने मात्र 23 दिन में एक बार पिता की तबीयत खराब तो चार बार पिता की डेथ को कारण बता अलग-अलग जगह सफर किया। एक सवारी को लेकर हैदराबाद तो दो को बरेली ले गया। वहीं मां की मौत को कारण बताकर यमुनानगर तक सफर किया। ससुर की मौत के नाम पर दिल्ली का सफर किया।
पब्लिक हेल्थ विभाग का भी बनवाया कार्ड
चालक सुंदरलाल ने जनस्वास्थ्य विभाग झज्जर का लॉकडाउन पास भी बनवा रखा है। वह भी एमरजेंसी ड्यूटी के नाम का कार्ड। इसे विभाग ने जलापूर्ति की आवश्यक सेवाओं के नाम पर तैयार करवाया था, लेकिन अपने नाम से टैक्सी चालक ने भी इस कार्ड को तैयार कर लिया है। इसमें फोटो भी ऊपर से चस्पा है। हस्ताक्षर भी फर्जी हैं।
जरूरत व मानवीय आधार पर दिए जा रहे पास

लॉकडाउन के दौरान मूवमेंट पास देने के लिए पहले आवश्यक जरूरतों और फिर मानवीय आधार पर मूवमेंट पास दिए जाते हैं। इसमें ऑनलाइन से ही आवेदन करना होता है। किसी ने फर्जीवाड़ा किया है तो उसकी जांच होगी। -आरएस वर्मा, डीसी, रोहतक