जिले में मलेरिया का कोई केस नहीं, फिर भी बचाव के लिए विभाग ने जारी की 60 हजार मच्छरदानी

  • जहां ज्यादा आ चुके हैं केस, उन सेंटर पर किया जाएगा मच्छरदानियों का वितरण

यमुनानगर. कोरोना महामारी का कहर चल रहा है। जिले में स्वास्थ्य विभाग और अन्य सभी विभागों द्वारा कोरोना के बचाव व रोकथाम के लिए लगातार प्रयास हैं। कोरोना के चलते मच्छरों से होने वाली अन्य बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू आदि के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है। सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने बताया कि वर्ष 2015 में मलेरिया के 603 केस, 2016 में 508, 2017 में 266, 2018 में 97 व वर्ष 2019 में 21 केस थे। 2020 में अभी तक मलेरिया का कोई भी केस नहीं आया है। सरकार प्रदेश को 2022 मलेरिया मुक्त बनाया जाएगा। इसके तहत ही सरकार की ओर से जिला के लिए 60000 मच्छरदानियां जारी की गई हैं। ये उन सब सेंटर पर लोगों को बांटी जाएंगी, जिनमें मलेरिया के केस ज्यादा हैं। एपीआई अनुसार मच्छरदानी बांटने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
ये हैं मलेरिया से बचाव के तरीके
घरों के आसपास पानी जमा न होने दें | कूलर को सप्ताह में एक बार सुखाकर पानी डालें। गमलों, घरों की छत पर पड़े पुराने टायरों, टूटे-फूटे बर्तनों, फ्रिज की ट्रे आदि में पानी जमा न होने दें। पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का प्रयोग करें। घरों के आसपास पानी है तो उसमें काला तेल डालें।
लारवा चेक कर रही टीम | स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेल्टामैथरिन दवाई का स्प्रे मलेरिया प्रभावित स्थानों पर शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा हर घर जाकर मच्छर के लारवे को चेक किया जा रहा है। लारवा पाया जाने पर उसे नष्ट करके संबंधित व्यक्ति को चेतावनी दी जा रही है। यदि दोबारा उसी घर में लारवा पाया जाता है तो उसे विभाग द्वारा नोटिस दिया जाएगा। उप सिविल सर्जन डाॅ. वागिश गुटैन ने बताया कि सप्ताह के प्रत्येक रविवार को ड्राई डे मनाए जाए, जिसमें कूलर, गमलों आदि में से पानी सुखाएं ताकि मच्छर का लारवा ना पनप सके।

मलेरिया प्रोन एरिया में मच्छरदानी का इस्तेमाल कर मलेरिया की रोकथाम की जाएगी। मलेरिया रोकथाम के लिए सीएससी में लगभग 20,000 मच्छरदानी पहुंच चुकी हैं जिनका जल्द ही वितरण शुरू कर दिया जाएगा। स्टोन क्रेशर जोन व अन्य मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में स्प्रे शुरू कर दिया गया है। विभाग द्वारा मलेरिया रोकथाम के उपायों की जानकारी भी ग्रामीणों को दी जा रही है। सीएचसी प्रताप नगर के साथ लगते देवधर कोलीवाला स्टोन क्रेशर जोन तथा कलेसर, फैजपुर, अरायावाला, ताजेवाला आदि क्षेत्रों में मलेरिया रोकथाम के लिए दवाई के छिड़काव का कार्य शुरू किया गया है। मलेरिया प्रोन एरिया में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। मुख्य चिकित्सक डॉ. परमिंदर पाल ने बताया कि सीएचसी में मच्छरदानी पहुंच चुकी हैं, जैसी जरूरत होगी और भी डिमांड भेज दी जाएगी।