गुड़गांव में क्वारेंटाइन था मगर आया घर, केस दर्ज

रेवाड़ी. 7 मई तक जिला में एक भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं होने के चलते राहत की बात रही। मगर 8 मई के बाद कोरोना पैर पसारता नजर आ रहा है। 5 दिन में 5 केस सामने आ चुके हैं। मगर इन सभी में कहीं न कहीं वर्दी का कनेक्शन है। क्योंकि लॉकडाउन के बाद जिले की सीमाएं सील कर दी गई।
जब सील बॉर्डर को भी लोग पार करके रेवाड़ी आए तो कोरोना की एंट्री जिले में हुई। करीब 10 दिन पहले सेक्टर-4 की महिला अपने बच्चों के साथ दिल्ली के कापसहेड़ा से रेवाड़ी आई थी। मुरलीपुर निवासी उसका देवर पुलिस में है। संभवत: वर्दी की ताकत से ही लॉकडाउन के बावजूद ये लोग रेवाड़ी आ गए।
अभी तक प्रशासन की तरफ से ऐसी कोई पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं दी गई है कि उनके पास किसी तरह का परमिट या पास था। इसके बाद मां-बेटी की पडोसन संक्रमित मिली। सोमवार को मुरलीपुर निवासी पुलिसकर्मी पॉजिटिव मिला। डॉ. भीष्म पंवार ने बताया कि मुरलीपुर निवासी पुलिसकर्मी गुड़गांव में क्वारेंटाइन था, मगर वह घर आ गया। इसलिए केस दर्ज कराया जा चुका है। अगले ही दिन मंगलवार को खटावली निवासी दिल्ली पुलिस का जवान संक्रमित मिला है। यह जवान भी दिल्ली में ड्यूटी के बाद घर आया लौटा था। जबकि पुलिसकर्मियों को भी स्टेशन छोड़कर जिले में आने की अनुमति नहीं है। सीधेतौर पर पुलिस का घर आना परिवार के लिए भी खतरा पैदा करना है।
सम्मान के पीछे चूक न पड़ जाए भारी, एहतियात जरूरी

स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही पुलिस कर्मियों का सम्मान भी आजकल लोग खूब कर रहे हैं। इन कोरोना वॉरियर्स को लोग गले में गमछे पहनाकर तो कोई फूल मालाएं पहनाकर कर रहे हैं। हौंसला बढ़ाना अच्छा है, मगर अब चिंता है कि कहीं सम्मान के पीछे की छोटी चूक भारी न पड़ जाए। इसलिए एहतियात जरूरी है। लोग कोरोना वॉरियर्स का सम्मान करें, मगर फूल आदि की मालाएं गले में पहनाने की बजाय भेंट करें।