गारंटी फ्री लोन से जगाधरी की मेटल इंडस्ट्री में चमक लौटने की आस जगी

  • उद्यमी बोले-मेटल की चमक लॉकडाउन में हो गई थी फीकी, इस प्रयास से मिलेगी मदद

यमुनानगर. गारंटी फ्री लोन से जिले की मेटल इंडस्ट्री में चमक फिर से लौट सकती है। लॉकडाउन के चलते यह व्यवसाय भी बुरी तरह लड़खड़ाया हुआ है। यहां छोटी-बड़ी लघु उद्योग की 1050 इकाई स्थापित हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वीरवार शाम कोविड-19 के 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज के बारे में बताया। इस स्पेशल पैकेज में लघु एवं मध्यम उद्योगों यानि एमएसएमई के लिए तीन लाख करोड़ रुपए का लोन दिया जाएगा। इस लोन के लिए कोई गारंटी नहीं देनी होगी। यह चार साल के लिए होगा। इसके पहले साल मूलधन नहीं चुकाना होगा। ये बयान जब मेटल से जुड़े उद्यामियों ने सुना तो उनके चेहरे पर उम्मीद की एक किरण नजर आई।

मेटल से जुड़े उद्यमी कृष्ण लाल बतरा, अशोक कुमार, अनिल अरोड़ा बताते हैं कि 50 दिन के लॉकडाउन से मेटल इंडस्ट्री भी बहुत नुकसान में अा गई है। प्रधानमंत्री के संबोधन में पता चला कि आत्मनिर्भर भारत अभियान में उद्योगों को राहत दी जाएगी। इसके लिए विशेष पैकेज तैयार किया गया है। इसके बार में विस्तार से केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताया। अब उनको आस बंधी है कि उनका कारोबार फिर से चलेगा। बंद से बहुत नुकसान हुआ है। इसके चलते लेबर भी चली गई। कई लेबर ने काम ही बदल दिया। राहत पैकेज के साथ श्रमिकों की भी जरूरत है। ऐसी स्कीम भी होनी चाहिए जिससे लेबर वापस लौटे। मेटल हो या कोई भी इंडस्ट्री श्रमिकों के बिना कुछ नहीं है। इस तरफ भी गौर करने की जरूरत है, जिससे पलायन कर रही लेबर यहीं रुक जाए। मेटल के कारोबार से लाखों लोग जुड़े हैं। { हर घर में होता है बर्तन बनाने का काम | जगाधरी मेटल नगरी में हर घर में बर्तन बनाने का काम चलता है। छोटी इंडस्ट्री को बढ़ाने के लिए बैंकों से आसानी से लोन भी नहीं मिल पाता है। अगर धरातल पर सुधार हुआ तो मेटल उद्योग भी उत्पादन में आगे कदम बढ़ाएगा।

यहां मेटल उद्योग से सरकार को भी अच्छा राजस्व मिलता है।
विदेशों में भी है यहां के बर्तनों की डिमांड | मेटल नगरी में तैयार होने वाले बर्तन देश के अलावा अमेरिका, साउदी अरब, दुबई, ईरान, कुवैत, तंजानिया, जर्मनी, काबुल, यूएसए, स्पेन में अच्छी मांग है।