कोरोना से बंद हुए विकास कार्य अब पकड़ेंगे रफ्तार

  • झज्जर से नारनौल रोड तक बनने वाली बाइपास के लिए 50 % श्रमिकों के साथ काम की अनुमति
  • बावल में आरओबी अंडरपास का काम जून माह तक होना था पूरा, अब चार से पांच माह का अतिरिक्त समय लगने की है संभावना

रेवाड़ी. कोरोना की वजह से थमे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट अब सरकार की तरफ से अनुमति मिलने के बाद फिर शुरू होने वाले हैं। जिले के तमाम बड़े प्रोजेक्टों पर तो कुछ दिनों में ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। हालांकि इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर श्रमिकों के हितों का ख्याल रखना महत्वपूर्ण होगा।
शहर के झज्जर रोड से नारनौल रोड तक 550 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा बाइपास इस साल मई माह में पूरा हो जाना था लेकिन रेलवे की तरफ से बार-बार ड्राइंग में किए बदलाव की वजह से इसका काम बेहद धीमी रफ्तार से चल रहा था। इसी बीच रेलवे की तरफ से जब एक फाइल को मंजूरी दी गई तो काम शुरू करने का समय आया तभी मार्च माह के पहले ही सप्ताह में तमाम प्रोजेक्टों को सरकार ने बंद करने के निर्देश दे दिए थे। इस वजह से शहर के बाइपास का भी काम रोकना पड़ा है। अब सरकार की तरफ से इन बड़े प्रोजेक्ट के लिए सशर्त काम करने की अनुमति देने के साथ इस बाइपास का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए हरियाणा पुल एवं विकास निगम लिमिटेड ने जिला प्रशासन से भी अनुमति ले ली है। एजेंसी की तरफ से यहां पर आगामी कुछ दिनों में कार्य प्रारंभ किया जाएगा। हालांकि यहां पर 50 प्रतिशत से अधिक श्रमिक नहीं रख जाएंगे इस वजह से फिलहाल झज्जर रोड से अर्थवर्क, बाइडिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद यहां पर बड़ी मशीनरी को लगाया जाएगा। पहले यहां पर 400 से अधिक श्रमिक लगाए हुए थे लेकिन अब इनकी संख्या कम करने के बाद भी एजेंसी को पर्याप्त मानव श्रम नहीं मिल पाया है।
बावल में कल से शुरू होगा अंडरपास व आरओबी का काम…एजेंसियों से कंस्ट्रक्शन कंपनी ने ली अनुमति
बावल में रेलवे रोड पर बन रहे आरओबी व अंडरपास के भी कार्य के लिए जिला प्रशासन सहित अन्य वर्किंग एजेंसियों से कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अनुमति ली है। कंपनी की तरफ से यहां पर गुरुवार से काम शुरू कर दिया जाएगा जिसके लिए मंगलवार को यहां पर मशीनों को लगा दिया गया है। चूंकि आरओबी के लिए अर्थवर्क सहित अन्य काम पूरा हो चुका है अब केवल रेलवे लाइन क्षेत्र पर स्पैन रखने के लाइनों के नीचे से अंडरपास बनाने का कार्य किया जाना है। लाइनों के नीचे अंडरपास के लिए ब्लॉक तैयार किए जा चुके हैं। चूंकि अब ट्रेनों का भी आवागमन कम है इसलिए काम जल्द पूर्ण हो जाएगा। कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बताया कि अब यहां पर लेबर काम बहुत कम बचा है और तमाम कार्य अब मशीनों से किया जाना है। फिलहाल जरूरत के अनुसार तो श्रमिक नहीं है लेकिन फिर काम को पूर्ण किया जाएगा।
झज्जर बाइपास एक से डेढ़ साल की देरी से होगा शुरू
शहर के झज्जर बाइपास के लिए अभी तक 60 फीसदी तक ही कामकाज हो पाया और बावल आरओबी का लगभग 80 फीसदी काम पूर्ण हो गया है। ऐसे में बावल आरओबी का आगामी पांच से छह माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। वहीं शहर के बाइपास के लिए बड़ा काम बाकि है इसलिए इसमें एक से डेढ़ साल की देरी तय है। इसके अतिरिक्त वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर का भी काम शुरू हो चुका है।