ओलंपियाड से घर बैठे बच्चे कर पाएंगे स्टडी, अटल सेवा केंद्र पर होगा रजिस्ट्रेशन

  • प्रतिभावान छात्रों में शैक्षणिक प्रतियोगिता के प्रति प्रतिस्पर्धा भावना लाने का प्रयास, आईटी मंत्रालय कराएगा सीएसी ओलंपियाड परीक्षा
  • ई-लर्निंग कक्षाओं में कितने बच्चों के पास स्मार्ट फोन, डिश टीवी, कितने देख रहे केबल, इसका पता लगाएंगे अब गुरुजी

यमुनानगर. ओलंपियाड किसी भी करियर लाभ के लिए सीधे नेतृत्व नहीं करता है। कॅरिअर शुरू करने और रोमांचक बौद्धिक चुनौतियों के क्षेत्र में आजीवन यात्रा करने के लिए प्रेरणा प्रदान करता है। इसी को लेकर शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों का शैक्षणिक प्रतियोगिता के प्रति प्रतिस्पर्धा भावना पैदा करने के लिए आईटी मंत्रालय के तहत अटल सेवा केंद्र ओलंपियाड शुरू किया गया। इसके माध्यम से बच्चे घर पर ही ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उनको केवल सीएससी पर जाकर अपने नाम का रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके नाम पर संचालक मनमानी न करें। पहले ही मंत्रालय की ओर से 125 रुपए फीस तय कर दी गई। कई सीएससी ने पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ओलंपियाड सितंबर में ऑनलाइन होगा। ओलंपियाड स्कूल की किताबों से परे अपने अकादमिक क्षितिज को व्याप्त बनाने में छात्रों की सहायता करता है। ओलंपियाड किसी कॅरिअर लाभ के लिए डायरेक्टर नेतृत्व नहीं करता है, बल्कि कॅरिअर शुरू करने और रोमांचक बौद्धिक चुनौतियों के क्षेत्र में आजीवन यात्रा करने के लिए एक प्रेरणा प्रदान करता है।
तीसरी से 12वीं तक के छात्र करा सकते हैं पंजीकरण| ओलंपियाड में कक्षा तीसरी से 12वीं तक के बच्चे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। कक्षा तीन से 10वी के छात्र हिंदी, गणित, साइंस में पंजीकरण करा सकते हैं। 11 और 12वीं कक्षा के छात्र बायोलॉजी, फिजिक्स कैमिस्ट्री विषय के अनुसार रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
मिलेगा आईडी व पासवर्ड| बच्चों का रजिस्ट्रेशन होने के बाद सीसीएस उनको आईडी व पासवर्ड देंगे। इससे बच्चे अपने घर पर ही मोबाइल, लैपटाप में आईडी व पासवर्ड के साथ वेबसाइट पर लॉग इन करने के बाद विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित व कक्षा से जुड़ी विषय को अध्ययन भी कर सकते हैं।

सभी सेंटर पर होगा ओलंपियाड
ये ओलंपियाड सभी अटल सेवा केंद्र पर होगा। इसके लिए ऑनलाइन नेटवर्क के माध्यम से तीसरी से 12वीं तक के बच्चों के लिए खुला रहेगा। प्रतियोगी परीक्षा की बेहतर तैयाीरी के लिए मदद मिलेगी। बच्चों को नई पैटर्न और सिलेबस विभिन्न मानक पर मॉक टेस्ट के लिए सहायता मिलेगी।
तीन स्तर मिलेगा रैंक | ओलंपियाड तीन स्तर पर आयोजित कराएगा। इसमें जिला, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर बच्चों का चयन होगा। चयनित बच्चों को रैंक के आधार पर ही लिया जाएगा। परीक्षा के लिए आउटकम्स के प्रत्येक ग्रेड का दो बार मूल्यांकन होगा।

लॉकडाउन में शिक्षा विभाग ई लर्निंग से घर बैठे बच्चों को पढ़ाई करा रहा है। विभाग का ये प्रयास सभी बच्चों तक पहुंच रहा है कि नहीं, इसके लिए अब गुरु जी को जिम्मेदारी दी गई है कि वे लिस्ट बनाएं कितने बच्चों के पास स्मार्ट फोन हैं, कितनों के यहां डिश टीवी है। कितने केबल के माध्यम से उनका पढ़ाया सबक पढ़ रहे हैं। इसका मकसद ये पता लगाना है कि टीचर जो पाठ्यक्रम पूरा करा रहे हैं, वह सभी पढ़ भी रहे हैं कि नहीं। अध्यापकों ये जानकारी छात्रों से लेकर एबीआरसी, बीआरपी, स्कूल इनफॉरमेशन यानी सीम को देनी होगी। इनके माध्यम से गूगल लिंक पर अपलोड की जाएगी। इसके लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय पंचकूला की ओर से प्रदेश के सभी डीईओ को लेटर किया गया है। डिप्टी डीईओ शिव कुमार धीमान का कहना है कि लेटर के अनुसार कार्य किया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए यह जाना जाएगा कि छात्र किस प्रकार पढ़ाई कर रहे हैं। उनके पास स्मार्ट फोन, फीचर सामान्य फोन, इंटरनेट, लैपटाप, कंप्यूटर, टेबलेट या टेलीविजन की उपलब्धता की स्थिति क्या है। सभी छात्रों की जानकारी लेकर गूगल लिंक गूगल लिंक https//forms.gle/uctbifitupcsbElEa पर उपलब्ध कराया जाए जिससे सुविधा की उपलब्धता अनुसार ही इस कार्यक्रम की आगामी योजना तैयार की जा सके।
तीन चरणों में किया विभाजित | लेटर के अनुसार तीन चरणों में विभाजित किया है। पहले पहली से पांचवीं, छठी से आठवीं व नौ से 12 में बांटा गया। इसमें पूछा जाएगा कि कितने छात्र फोन कैसा है सिंपल या स्मार्ट, कंप्यूटर लैपटाप, टेलीविजन, केबल टीवी सुविधा। सभी से ये कॉमन सवाल शिक्षक पूछेंगे।