25 बसों के काफिले के साथ खंड से बुलंदशहर के लिए 750 प्रवासियों को किया गया रवाना

  • कनीना में सोशल डिस्टेंस के साथ बस में 30 प्रवासियों को बैठाया

कनीना. कनीना खंड के 13 गांवों में रुके 750 प्रवासियों को मंगलवार को प्रशासन ने 25 बसों की मदद से सुबह करीब 6:30 बजे धनौंदा स्थित खेल स्टेडियम से रवाना किया। बता दें कि कोविड-19 के चलते शुरू हुए लॉकडाउन की वजह से क्षेत्र में फसल कटाई के समय मजदूरी का कार्य करने आने वाले मजदूर क्षेत्र में ही फंस कर रह गए हैं।
जिन्हें अब प्रशासन द्वारा धीरे-धीरे उनके घरों को भेजा जा रहा है। अभी तक कनीना खंड से करीब 2656 प्रवासी मजदूरों को उनके घरों के लिए रवाना किया जा चुका है। इसी कड़ी में मंगलवार को सुबह प्रशासन ने 25 बसों की मदद से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के करीब 750 प्रवासियों को भोजन पानी की व्यवस्था कर भेजा गया है जो करीब 12 बजे तक बुलंदशहर पहुंच जाएंगे। इसके लिए 15 बसों के एक काफिले को करीब 6:30 बजे व 10 बसों के एक काफिले को करीब 7:30 बजे धनौंदा स्थित खेल स्टेडियम से प्रशासन ने रवाना किया। सुरक्षा की दृष्टि से एक-एक एम्बुलेंस को भी साथ में भेजा गया है, ताकि रास्ते में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर निपटा जा सके।
एसडीएम ने लॉकडाउन के नियमों के पालन की अपील की
खंड में फंसे हुए बुलंदशहर के 750 प्रवासियों को प्रशासन ने धनौंदा स्थित खेल स्टेडियम से मंगलवार को 25 बसों की मद्द से रवाना किया गया है। जिनके रवाना करने से पूर्व एसडीएम रणबीर सिंह ने सभी बसों का निरीक्षण कर प्रवासियों को अपने घर पर पहुंचने के बाद लॉकडाउन के नियमों का पालन करने व अपने घरों में ही रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर हम सभी लोग सही तरीके से नियमों का पालन करेंगे व अपने परिवार के सदस्यों को भी इस संकट के समय में नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करेंगे तो इस महामारी से बच सकते हैं। जिसपर सभी मजदूरों ने उन्हें महामारी के दौरान पूर्ण रूप से नियमों का पालन करने की बात कही। मजदूरों ने कहा कि उनके घर में अति आवश्यक कार्य आने पर ही व किसी एक सदस्य को घर से बाहर जाने देंगे।