सरसों की आवक अधिक होने से फड़ पर और दुकानों के आगे जगह नहीं, किसान ट्रॉलियों में भरे कट्टों के साथ करते रहे इंतजार

  • महेंद्रगढ़ अनाजमंडी में सुविधाओं की ओर ध्यान नहीं, किसानों की संख्या लगातार बढ़ रहीतालमेल के
  • अभाव में बढ़ रही हैं किसानों व व्यापारियों की समस्याएं {बारदाना भी खत्म, गोदाम भी फुल, लिफ्टिंग प्रक्रिया भी पड़ी धीमी

महेंद्रगढ़. कोरोना महामारी लगातार प्रदेश में पैर पसार रहा है। सोशल डिस्टेंस का पालन हर जगह अनिवार्य किया गया है। इसी के साथ नगर की अनाजमंडी में एक साथ किसानों की संख्या बढ़ रही है। जिससे न तो सोशल डिस्टेंस का पालन हो रहा है और न ही लोग फेस मास्क का प्रयोग कर रहे हैं। सरसों अधिक आने से महेंद्रगढ़ अनाजमंडी इन दिनों बदहजमी की शिकार होती जा रही है।
मंडी में जगह कम और बिक्री के लिए किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में खरीद एजेंसी और मार्केट कमेटी के बीच तालमेल का अभाव नजर आ रहा है। इस कारण किसान, व्यापारियों की परेशानी भी बढ़ गई है। मार्केट कमेटी के पास रजिस्टर्ड करीब साढ़े तेरह हजार किसानों में से अब तक करीब 4 से 5 हजार किसान ही अपनी सरसों लेकर पहुंचे हैं। शेष करीब 8-9 हजार किसान अभी सरसों बिक्री के लिए मैसेज के इंतजार में हैं। खरीद प्रक्रिया बंद न हो जाए ऐसे में मार्केट कमेटी ने भी टोकन की संख्या बढ़ा दी है, वहीं जिन किसानों को अभी तक टोकन नहीं मिले हैं वे भी अपनी सरसों बिक्री के लिए परेशान हैं।
बता दें कि महेंद्रगढ़ अनाजमंडी में अगर नियमानुसार खरीद प्रक्रिया चले तो दिन में 100 से 150 किसानों की सरसों ही अच्छी प्रकार से खरीदी जा सकती है, क्योंकि किसानों को ढेरियां बनानी पड़ती है। नमी की मात्रा जांचनी पड़ती है। नमी अधिक हो तो उसे सुखना पड़ता है। जो सरसों नमी के मानक पर खरी रहती है। उसमें झारना लगाकर कट्टों में भर तुलाई करने में पूरा समय लगता है, परंतु इन दिनों मंडी क्षमता से अधिक भार ढो रही है। चार दिन खरीद बंद रहने के बाद मार्केट कमेटी ने लगातार टोकन की संख्या बढ़ा दी है। बीते दिवस महेंद्रगढ़ मंडी में जहां 227 टोकन जारी किए गए थे, वहीं मंगलवार को 319 किसानों को मैसेज भेजे गए। जिनमें से शाम करीब पांच बजे तक गांव आनावास, बेरी, बुडीन, बलाना, गुलावला के 311 किसानों को टोकन जारी किए जा चुके थे। उधर गांव आकोदा व पाली खरीद केन्द्रों पर भी टोकनों की संख्या बढ़ा दी गई है। मंगलवार को दोनों ही खरीद केन्द्रों के लिए 400-400 टोकन काटने निर्धारित थे।
207 किसानों से करीब 7200 क्विंटल सरसों की खरीद
नगर की अनाजमंडी में मंगलवार को भी सरसों की खरीद जारी रही। मार्केट कमेटी ने शाम करीब पांच बजे तक 311 किसानों को टोकन जारी किए, वहीं वेयरहाउस परचेजर महावीर सिंह ने 207 किसानों से करीब 7200 क्विंटल सरसों की खरीद की। बता दें कि वेयरहाउस के पास अब बारदाना भी खत्म हो गया है। अभी विभाग खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग से कुछ बारदाना उधार लेकर काम चला रहा है। यदि एक-दो दिन ओर बारदाना नहीं आया तो मंडी में परेशानियां बढ़ जाएगी।
अगर इसी रफ्तार से कटे टोकन तो बढ़ेगी परेशानी
तीन दिनों में मंडी की फड़ सरसों से पूरी तरह से फुल हो चुकी है। सरसों से भरे कट्टों को ऊपर नीचे रखकर कुछ जगह बनाई जा रही है जहां किसान अपनी ढेरियां बना रहे हैं। इन ढेरियों की खरीद होने तथा कट्टों में भरने तक किसान ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य वाहनों में अपनी सरसों के साथ फड़ खाली होने का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। उठान कार्य भी अब पहले की अपेक्षा धीमी गति से चलेगा क्योंकि पहले ही लेबर की कमी है। ऊपर से अब महेंद्रगढ़ नगर में स्थित वेयरहाउस का गोदाम सरसों से भर चुका है। अब यहां की सरसों रेवाड़ी के किसी गोदाम में जाएगी जहां आने-जाने में भी समय तो लगेगा ही। फड़ पर जगह देखकर ही मार्केट कमेटी ने टोकन जारी करने शुरू नहीं किए जिससे किसान व व्यापारियों की परेशानियां बढ़ना तय है। इस विषय में मार्केट कमेटी के कर्मचारियों के अनुसार 15 से खरीद बंद होने की जानकारी मिल रही है। ऐसे में मार्केट कमेटी द्वारा सरसों बिक्री के लिए किसानों को बुलाने की संख्या बढ़ा दी है ताकि सभी किसानों की सरसों सरकारी दाम पर बिक सके। उनके पास 13300 से अधिक रजिस्टर्ड फार्मर है जिनमें से अभी तक करीब 5 हजार किसान ही अपनी सरसों बिक्री के लिए आए हैं। ऐसे में सभी किसानों को बुलाने के उद्देश्य से टोकन संख्या बढ़ाई गई है। जब मंडी में इतने किसानों की खरीद की सुविधा को लेकर बात की गई तो उनका कहना था कि वेयरहाउस उठान गति बढ़ाए।