लॉकडाउन में जिले में हुई नकली शराब की सप्लाई, रादौर से पकड़ी 205 पेटी शराब

  • इंडस्ट्रियल एरिया में मिली 1200 पेटी शराब मामले में डिस्टलरी के ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम पर सवाल
  • दो टीमों ने शराब गोदामों की जांच पूरी की, शराब का स्टाक पूरा मिला

यमुनानगर. लॉकडाउन में शराब ठेके बंद होने से यमुनानगर में नकली शराब की जमकर सप्लाई हुई। इस बात की पुष्टि रादौर में पकड़ी गई 250 पेटी शराब से होती है। वहां पर पकड़ी गई शराब पर कोई मार्का नहीं है। यह नहीं है कि यह शराब किस डिस्टलरी से बनी है। इससे तो यह क्लियर है कि यह शराब अवैध तरीके से बनाई गई। शायद इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने जड़ तक पहुंचने का फैसला लिया है। केस को सीआईए को ट्रांसफर किया है। सीआईए वन की टीम अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार ये चारों अवैध शराब का धंधा करते हैं। हालांकि इन चारों में यमुनानगर में शराब सप्लाई करने वाला कोई नहीं है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि लॉकडाउन में यह शराब अंबाला बॉर्डर पर एक ट्रक से ट्रैक्टर-ट्रॉली में उतारी गई। इसके बाद ट्रैक्टर ट्रॉली में शराब लोड कर रादौर लेकर आ रहे थे। पुलिस को अम्बाला बाॅर्डर पर शराब उतारने वालों की तलाश है। बताया जा रहा है कि इसमें कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। हालांकि कुछ तो पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए इधर-उधर छिपे हैं और कुछ कोर्ट की शरण में पहुंच गए हैं। उधर, लॉकडाउन में अवैध तरीके से बनाई शराब सप्लाई करने की पुष्टि इस बात से भी होती है कि एक्साइज की दो टीमों ने यमुनानगर के ठेकेदारों के गोदामों की जांच की। वहां पर कोई स्टॉक कम नहीं मिला। लॉकडाउन में पुलिस ने 1 दर्जन केस ज्यादा केस एक्साइज एक्ट के किए हैं। वहीं सैकड़ों पेटियां शराब बरामद की है।

1200 पेटी पकड़ने के मामले में डिस्टलरी के ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम पर सवाल| 9 मई को सीआईए टू की टीम ने इंडस्ट्रियल एरिया से 1200 पेटी से लोड एक ट्रक पकड़ा था। उस ट्रक से यहां एक गोदाम में शराब उतारी जा रही थी। यह शराब ठेकेदार सुशील कांबोज की बताई जा रही है। पुलिस ने ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन ट्रक चालक फरार है। डिस्टलरी के ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। यह ट्रक यमुनानगर की हरियाणा डिस्टलरी से अम्बाला के परमिट पर निकला था। यहां ट्रांसपोर्टेशन शराब ठेकेदार का नहीं होता। इससे अंदेशा है कि यहां भी बड़ा खेल चलता होगा। हालांकि पुलिस की जांच में डिस्टलरी के ट्रांसपोर्टेशन की मिलीभगत सामने नहीं आई है। सीआईए टू इंचार्ज महरूफ अली का कहना है कि डिस्टलरी के अंदर से मिलीभगत नहीं हुई। हमने जांच कर ली है।
सीआईए वन इंचार्ज राकेश मटौरिया ने बताया कि रादौर में 205 शराब की पेटियां 30 अप्रैल को पकड़ी थीं। उसकी जांच उनके पास आई है। शराब पर कोई मार्का नहीं है। इससे यह नहीं कहा जा सकता है कि यह शराब किस डिस्टलरी में बनी हैं। इस शराब को सप्लाई करने वाले अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनके पकड़े जाने के बाद इस मामले में जरूर बड़ा खुलासा करेंगे।

शराब पर कोई मार्का नहीं है, जल्द बड़ा खुलासा करेंगे
बॉर्डर तक लाने की जिम्मेदारी थी, आगे खरीदने वाले की जिम्मेदारी थी| जो शराब रादौर में पकड़ी गई थी उसके बारे में अब तक यह सामने आया है कि यमुनानगर सीमा तक पहुंचाने की जिम्मेदारी शराब सप्लाई करने वालों की थी। आगे की जिम्मेदारी शराब खरीदने वालों की थी। इसलिए उन्होंने यमुनानगर-अंबाला सीमा पर ही शराब को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड किया। कहा जा रहा है कि बराड़ा में इस शराब को बोतलों में पैक कर यहां पर भेजा गया है। लॉकडाउन में इस तरह की शराब तय रेट से तीन गुणा ज्यादा में बेची गई।

श्मशानघाट गेट पर बेची जा रही थी अवैध शराब
सीआईए वन में तैनात एएसआई जसबीर सिंह ने शहर यमुनानगर पुलिस को शिकायत दी है कि वह टीम के साथ फव्वारा चौक पर तैनात था। तभी सूचना आई कि चून्ना भट्ठी निवासी काशी श्मशान घाट के पास अवैध शराब बेचता है। उसने शराब बेचने के लिए श्मशानघाट के गेट पास रखी हुई है। इस पर पुलिस ने वहां पर जाकर रेड की। वहां श्मशान घाट के गेट के साथ पड़े कबाड़ के नीचे से पुलिस ने शराब की छह पेटियां बरामद की। इसमें तीन पेटियां देशी शराब क्लब माल्टा थी और तीन पेटियां पव्वे की कैश माल्टा थीं। पुलिस ने इस मामले में एक्साइज एक्ट का केस दर्ज किया है।
दो बार जांच हो चुकी, सब ठीक मिला है| डीईटीसी एक्साइज अमित कुमार ने बताया कि हमने ठेकेदारों के यहां पर स्टॉक की जांच कर ली है। सब जगह ठीक मिला है। यहां पर कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। उनका कहना है कि अब जो नए शराब के ठेके अलॉट हुए हैं उनकी लोकेशन जांची जा रही है।