रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही मरीज होगा डिस्चार्ज, हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री विज ने दिए आदेश

  • हरियाणा सरकार ने कोरोना मरीजों के संबंध में केंद्र सरकार का परामर्श मानने से किया इनकार
  • स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक के बाद लिया फैसला

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने कोरोना मरीजों के संबंध में केंद्र सरकार का परामर्श मानने से इनकार करते हुए साफ कर दिया है कि जब तक मरीज अथवा संदिग्ध की रिपोर्ट निगेटिव नहीं आएगी तब तक उसे डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने पिछले दिनों एडवाइजरी जारी करते हुए मरीजों के डिस्चार्ज संबंधी नियम में बदलाव किया था। जिसमें कहा था कि जिन कोरोना पॉजिटिव मरीजों को दो दिन बुखार नहीं आता है तो उन्हें तीसरे दिन अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाए। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि सभी सिविल सर्जन को भी इस संदर्भ में हिदायतें जारी कर दी गई हैं। क्योंकि बिना नेगेटिव रिपोर्ट के मरीजों को डिस्चार्ज करना खतरनाक साबित हो सकता है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ेगा।

अनिल विज ने बताया कि वर्तमान में 80 प्रतिशत के मरीज ऐसे मिल रहे हैं, जिनमें किसी तरह के लक्षण ही नहीं होते। ऐसे में जब मरीजों में लक्षण ही नहीं हैं तो उनसे सोसायटी में संक्रमण फैलने की अधिक संभावना है। इसीलिए विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जब तक कोरोना मरीज की एक रिपोर्ट निगेटिव न आ जाए, उसे किसी भी सूरत में अस्पताल से डिस्चार्ज न किया जाए। हरियाणा ने केंद्र सरकार की उस सलाह को भी मानने से इनकार कर दिया है जिसमें कहा गया था कि जिन मरीजों को सांस लेने में तकलीफ नहीं है, उन्हें भी छुट्टी दी जा सकती है।