बरसात के बाद टूटी सड़कों की हालत और बदतर, पॉश एरिया में भी वाहन चालक परेशान

  • पार्षद बोले- बरसात में मिनी तालाब न बनें सड़कें, इसलिए कम लेबर से सोशल डिस्टेंसिंग में हो पैचवर्क

यमुनानगर. लॉकडाउन-3 में कामधंधों के लिए छूट के बाद से सड़कों पर वाहन दौड़ने लगे हैं, लेकिन शहर की ज्यादातर सड़कों पर चलते हुए झटके लग रहे हैं। क्योंकि पॉश एरिया से लेकर कॉलोनियों में सड़कों में गहरे गड्ढे बन गए हैं। कई जगह पहले से टूटी सड़कों की हालत बरसात के बाद और बद्तर हो चुकी है। ऐसे में पार्षद अपने-अपने वार्डों में मानसून से पहले पैचवर्क की मांग कर रहे हैं, ताकि बरसात में गड्ढों भरीं सड़कें तालाब में तबदील होकर परेशानी का सबब न बनें। बता दें कि मॉडल टाउन, मॉडल कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी, सरोजनी कॉलोनी व छोटी लाइन जैसे पॉश एरिया समेत कई कॉलोनियों में सड़कों में गहरे गड्ढे बन गए हैं।

सड़कों के किनारे व बर्म लगभग खत्म हो चुके हैं। पिछले दिनों हुई बेमौसमी बरसात का पानी अब भी सड़कों किनारे व गड्ढों में भरा है। वार्ड पार्षदों की मांग है कि कोविड-19 के चलते लगे लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए कम लेबर से सड़कों की पैचवर्क व रिपेयरिंग का काम कराया जाए।

सेक्टर में भी टूट चुकी सड़कें

वार्ड-7 से पार्षद रामआसरा भारद्वाज ने कहा कि उनके वार्ड में सेक्टर-17 आता है, जहां वीआईपी लोगों के निवास हैं। लेकिन सेक्टर में सड़कों की हालत बद्तर हो चुकी है। हालांकि लॉकडाउन से पहले कुछ सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर लगा था, लेकिन काम अटक गया। आगे बरसाती सीजन भी है, जिसे देखते हुए सड़कों का समय रहते निर्माण व रिपेयर वर्क होना चाहिए।

बरसात में मिनी तालाब बन जाती सड़कें

वार्ड-21 से पार्षद अभिषेक मोदगिल ने कहा कि मानसून में बरसात के दिनों सड़कें मिनी तालाब बन जाती हैं, क्योंकि निकासी का सही प्रबंध नहीं है। अभी ज्यादातर सड़कों में गड्ढे हैं, जो हादसे की वजह बन सकती हैं। नगर निगम को इनकी रिपेयरिंग के साथ निकासी के भी उचित प्रबंध करने चाहिएं।